×

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ अदालत का गिरफ्तारी वारंट

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ संगरूर की अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। उन्हें 19 सितंबर तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है। यह मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बजरंग दल की पीएफआई से तुलना करने के कारण उत्पन्न हुआ है। जानें इस विवाद की पूरी जानकारी और इसके कानूनी पहलुओं के बारे में।
 

मल्लिकार्जुन खरगे की कानूनी मुश्किलें

नई दिल्ली: कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की स्थिति गंभीर हो गई है। संगरूर की अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। उन्हें 19 सितंबर तक अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया है। यह वारंट जमानती है, लेकिन इसके लिए उन्हें अदालत में उपस्थित होकर जमानत लेनी होगी। यह मामला कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बजरंग दल की तुलना पीएफआई से करने के कारण उत्पन्न हुआ है।


मामले का विवरण

यह विवाद कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 के प्रचार के दौरान की गई टिप्पणियों से संबंधित है, जिसमें बजरंग दल द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया है कि खरगे ने कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में बजरंग दल की तुलना प्रतिबंधित संगठन पीएफआई से की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इस मामले में अब अदालत में कार्यवाही चल रही है।


अदालत का आदेश

संगरूर की अदालत ने खरगे के खिलाफ 15,000 रुपये का जमानती वारंट जारी किया है। यदि वे 19 सितंबर 2026 को अदालत में उपस्थित नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा। इससे पहले, अदालत ने उन्हें नोटिस भी जारी किया था।


क्या है पूरा मामला?

खरगे पर बजरंग दल और प्रतिबंधित पीएफआई के बीच तुलना करने का आरोप है। हिन्दूवादी संगठन ने उन पर सौ करोड़ रुपये की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। याचिकाकर्ता ने संगरूर जिला कोर्ट में कहा कि 2023 कर्नाटक विधानसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में बजरंग दल की तुलना ‘सिमी और अल-कायदा जैसे राष्ट्र-विरोधी संगठनों’ से की थी।