कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रामलीला मैदान में मोदी सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली में INDIA गठबंधन की महारैली
नई दिल्ली: रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की 'टवोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली में कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखे हमले किए। खरगे ने स्पष्ट किया कि जब तक मोदी को सत्ता से बाहर नहीं किया जाता, तब तक लोकतंत्र की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भी गंभीर आरोप लगाए।
खरगे का आरोप: सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने में जुटी है
खरगे ने मंच से कहा कि यह रैली युवाओं, महिलाओं और दलितों के वोट के अधिकार की रक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन वर्गों के वोटों को छीनने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा, "जब तक ज्ञानेश कुमार नहीं जाएंगे, तब तक हम नहीं जाएंगे और लड़ते रहेंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष उन्हें जवाबदेह बनाए रखेगा।
#WATCH दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, "चलो दिल्ली रामलीला मार्च, एक ऐतिहासिक मीटिंग यहां हो रही है। इन्होंने युवाओं, महिलाओं और दलितों का वोट छीनने की कोशिश की है। हम इसके खिलाफ यहां इकट्ठे हुए हैं। जब तक ज्ञानेश कुमार नहीं जाएंगे तब तक हम नहीं जाएंगे और लड़ते रहेंगे। ज्ञानेश कुमार को छिपाने की कोशिश की जा रही है मगर वह नहीं छिपेगा... हम कभी नहीं डरेंगे..." (सोर्स: Media House)
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 1, 2026
सीबीआई और ईडी का डर दिखाने का आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पीएम मोदी विपक्षी नेताओं को कभी सीबीआई तो कभी ईडी के माध्यम से डराने का प्रयास करते हैं। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष डरने वाला नहीं है। खरगे ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश की सरकारों पर भी हमला किया, यह कहते हुए कि इन राज्यों में सरकारें जनता के जनादेश से नहीं, बल्कि चुनावी धांधली से बनी हैं। उन्होंने नारा दिया, "मोदी को हटाओ, लोकतंत्र बचाओ।"
विपक्ष का एकजुटता का प्रदर्शन
इस महारैली में INDIA गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता मिंटो रोड से मार्च करते हुए रामलीला मैदान पहुंचे। रैली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव, ममता बनर्जी और तेजस्वी यादव जैसे कई प्रमुख नेता शामिल हुए। रैली का मुख्य मुद्दा वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित धांधली का विरोध था। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की मांग की, SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने और चुनावों में बैलेट पेपर की वापसी की भी मांग की। खरगे ने अंत में कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर लड़ाई जारी रखने की अपील की और कहा कि मजबूती से लड़ने पर ही बदलाव संभव है।