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कांग्रेस का चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक इम्पीचमेंट प्रदर्शन

कांग्रेस ने नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक इम्पीचमेंट का प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे ने गंभीर आरोप लगाए, जिसमें चुनावों में हेरफेर और मतदाता सूची में अनियमितताओं का जिक्र किया गया। विपक्ष ने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। BJP ने इस प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा, जबकि अमित शाह ने संसद में बहस की चुनौती दी। जानें इस राजनीतिक घटनाक्रम के सभी पहलू।
 

कांग्रेस का इम्पीचमेंट प्रदर्शन


नई दिल्ली में, कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA ब्लॉक ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक प्रतीकात्मक 'पब्लिक इम्पीचमेंट' प्रक्रिया की शुरुआत की। इस प्रस्ताव को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेश किया, जबकि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इस कार्यवाही की अध्यक्षता की। यह कार्यक्रम संसद की कार्यवाही के समान आयोजित किया गया।


मतदाता सूची में अनियमितताओं के आरोप

इस दौरान, INDIA ब्लॉक ने आरोप लगाया कि हाल के चुनावों में वोटों की चोरी और मतदाता सूची में अनियमितताएं हुई हैं। विपक्ष ने कहा कि यह लोकतंत्र और मत देने के अधिकार के लिए गंभीर खतरा है। मीरा कुमार ने कहा कि जिन लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में INDIA ब्लॉक के सांसदों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और प्रभावित नागरिकों ने भी भाग लिया।


खड़गे के गंभीर आरोप

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियादी शक्ति है और यह आज गंभीर खतरे में है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त पर आरोप लगाया कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों पर कार्य कर रहे हैं। खड़गे ने अपने प्रस्ताव में छह गंभीर आरोप लगाए, जिनमें चुनावों में हेरफेर की साजिश, 13.2 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाने, संसद की मंजूरी के बिना Form 6 में बदलाव, और अन्य चुनाव आयुक्तों को निर्णय प्रक्रिया से अलग रखने के आरोप शामिल हैं।


बारिश के कारण कार्यक्रम में देरी

कांग्रेस ने पहले इस कार्यक्रम को 'मॉक पार्लियामेंट' के रूप में आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसे 'पब्लिक इम्पीचमेंट' नाम दिया गया। दिल्ली में बारिश के कारण इसे एक दिन के लिए टालना पड़ा। कार्यक्रम को राहुल गांधी और अन्य दलों के सोशल मीडिया हैंडल से लाइव प्रसारित किया गया। यह आयोजन दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित INDIA ब्लॉक की बड़ी रैली से एक दिन पहले हुआ।


BJP का राहुल गांधी पर हमला

भारतीय जनता पार्टी ने इस कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा। BJP प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने इसे भ्रम फैलाने और भ्रामक नैरेटिव बनाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि यह 'मॉक पार्लियामेंट' नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मजाक है। BJP ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी अब अपनी पसंद की संसद में बैठे हैं, जबकि वास्तविक चुनाव जीतने में असमर्थ हैं।


अमित शाह की बहस की चुनौती

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव को मतदाता सूची के मुद्दे पर संसद के विशेष सत्र में बहस की चुनौती दी थी। शाह ने कहा कि BJP इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है और सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का भी आरोप लगाया।


INDIA ब्लॉक की मांगें

INDIA ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR रोकने और SIR से पहले की मतदाता सूचियां बहाल करने की मांग करता रहा है। विपक्ष का दावा है कि इस प्रक्रिया में करीब 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। SIR का मुद्दा इससे पहले भी संसद में हंगामे और स्थगन का कारण बन चुका है।


विपक्ष का राजनीतिक प्रदर्शन

अप्रैल में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष की ओर से दिए गए प्रस्ताव संबंधी नोटिस खारिज कर दिए थे। ऐसे में INDIA ब्लॉक का मौजूदा कार्यक्रम वास्तविक संवैधानिक इम्पीचमेंट प्रक्रिया के बजाय एक राजनीतिक और प्रतीकात्मक प्रदर्शन है।