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कांग्रेस की नागपुर में जीत: बीजेपी के गढ़ में नया राजनीतिक मोड़

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में चार राज्यों में विधान परिषद चुनावों पर कांग्रेस पर कटाक्ष किया। हालांकि, नागपुर में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के सुधाकर कोहले को हराकर एक महत्वपूर्ण जीत दर्ज की। यह जीत न केवल कांग्रेस के लिए एक नई राजनीतिक संजीवनी है, बल्कि यह बीजेपी के गढ़ में एक बड़ा झटका भी है। जानें इस चुनावी परिणाम के पीछे की कहानी और इसके राजनीतिक प्रभाव के बारे में।
 

प्रधानमंत्री मोदी का कांग्रेस पर कटाक्ष


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को चार राज्यों में विधान परिषद (MLC) की 28 सीटों के चुनावों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर व्यंग्य किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि इन चार प्रमुख राज्यों में चुनाव मतपत्रों के माध्यम से हुए थे। पीएम मोदी ने लोगों से सवाल किया कि कांग्रेस ने कितनी सीटें जीतीं? इसके साथ ही उन्होंने अपने पोस्ट के अंत में एक मोनोकल इमोजी का उपयोग किया, जो उनके कटाक्ष को दर्शाता है। इसके बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी एक्स पर लिखा कि कांग्रेस ने 28 में से कितनी सीटें जीतीं? जवाब था '0', और उन्होंने 'Ballot Box इस्तीफ़ा दो' का भी जिक्र किया।


जब शाम तक कांग्रेस के खाते में कोई सीट नहीं आई, तो उसे शून्य पर आउट पार्टी करार दिया गया। मीडिया और राजनीतिक हलकों में कांग्रेस की इस चुनावी हार, विशेषकर कर्नाटक में चारों सीटों पर हार को लेकर चर्चा होने लगी। लेकिन बुधवार रात की मतगणना में नागपुर (महाराष्ट्र) स्नातक क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने बीजेपी के सुधाकर कोहले को हराकर एक महत्वपूर्ण जीत हासिल की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नागपुर, जो RSS का गढ़ माना जाता है, में कांग्रेस की यह जीत विपक्ष के लिए एक नई राजनीतिक संजीवनी साबित होगी। नागपुर में RSS का मुख्यालय है और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का भी यहां मजबूत राजनीतिक प्रभाव रहा है।