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कांग्रेस के कार्यक्रम में वंदे मातरम पर विवाद: BJP के आरोपों का जवाब

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस के मुख्यालय में वंदे मातरम गाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। BJP ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने गान को रोकने की कोशिश की, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों का खंडन किया है। जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी ने खड़गे के लिए कुर्सी मांगी थी। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और कांग्रेस का स्पष्टीकरण।
 

स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस का कार्यक्रम


स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस के मुख्यालय में तिरंगा फहराया गया और पूरा वंदे मातरम गाया गया। यह संभवतः पहली बार था जब कांग्रेस के किसी आयोजन में वंदे मातरम का पूरा गान हुआ, लेकिन इस पर विवाद उत्पन्न हो गया। BJP ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने इस गान को रोकने की कोशिश की। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज किया। जयराम रमेश ने स्पष्ट किया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम गाना नहीं रोका, बल्कि मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं, जो काफी समय से खड़े थे। जब कुछ तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, तो BJP ने दावा किया कि कांग्रेस ने गान को रोक दिया था, जो कि गलत था। कांग्रेस ने कहा कि वंदे मातरम के दो पद गाने की परंपरा रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह पर शुरू हुई थी। जयराम रमेश ने यह भी कहा कि कार्यक्रम में पूरा वंदे मातरम गाया गया और किसी ने हस्तक्षेप नहीं किया।


BJP का कांग्रेस पर हमला

BJP नेता शाहनवाज़ हुसैन ने एक मीडिया चैनल के साथ बातचीत में कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस कार्यालय में वंदे मातरम गाने पर रोक लगा दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस के शासन के दौरान भी वंदे मातरम गाने पर प्रतिबंध था। इसके अलावा, उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई, जो कि दुखद है।


कांग्रेस का स्पष्टीकरण

कांग्रेस ने BJP के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि वंदे मातरम गाने पर कोई रोक नहीं थी। जयराम रमेश ने कहा कि सोनिया गांधी खड़ी थीं, इसलिए उन्होंने खड़गे के लिए कुर्सी मांगी थी। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर की सलाह का उल्लेख करते हुए कहा कि 28 अक्टूबर, 1937 को कलकत्ता में कांग्रेस की कार्यकारी समिति की बैठक में यह तय किया गया था कि सभाओं में वंदे मातरम की केवल प्रारंभिक पंक्तियाँ गाई जानी चाहिए।