कांग्रेस के नेतृत्व पर शिवराज सिंह चौहान का तीखा हमला
कांग्रेस की चुनावी हार का जिम्मेदार नेतृत्व
नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि पार्टी की लगातार चुनावी हार के लिए उसके दिशाहीन नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के लिए कांग्रेस की कड़ी आलोचना की।
भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में चौहान ने कहा कि कांग्रेस का बार-बार चुनाव हारना और उसके बाद सड़कों पर प्रदर्शन करना उसकी नियति बन गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की इस दुर्दशा का कारण चुनाव आयोग नहीं, बल्कि उसका नेतृत्व है, जो स्पष्ट दिशा और जनता की नब्ज को समझने में असफल है।
चौहान ने उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनावी हालात का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी कलह ही उसकी हार का मुख्य कारण है। पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के गुटों के बीच तनाव के कारण पार्टी को वड़िंग की जगह परगट सिंह को नया प्रदेश अध्यक्ष बनाना पड़ा।
उत्तर प्रदेश में भी नई प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा और पूर्व अध्यक्ष अजय राय के समर्थकों के बीच खींचतान खुलकर सामने आ चुकी है। चौहान ने आरोप लगाया कि हर राज्य में पार्टी नेतृत्व के स्तर पर झगड़े चल रहे हैं।
संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने का चलन
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पिछले कई वर्षों से संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रही है। चुनाव हारने के बाद इन संस्थाओं पर दोष मढ़ना अब पार्टी का एक तय पैटर्न बन चुका है। शिवराज सिंह चौहान का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।
यह मामला तब और गरमा गया जब एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार बिना जानकारी के लिए गए निर्णयों पर औपचारिक आपत्ति दर्ज कराई थी।
राहुल गांधी पर अनुराग ठाकुर का हमला
भाजपा ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों के मार्च पर निशाना साधा। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि राहुल गांधी केवल अराजकता फैलाने में माहिर हैं। उन्हें न तथ्यों का ज्ञान है, न तर्क का। यह देश का दुर्भाग्य है कि नेता प्रतिपक्ष का आचरण इतना अस्थिर और अगंभीर है।