कांग्रेस को बड़ा झटका: 48 साल पुराना मुख्यालय खाली करने का आदेश
कांग्रेस का ऐतिहासिक मुख्यालय छोड़ने का समय
नई दिल्ली: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) को अपने 48 साल पुराने मुख्यालय को छोड़ने का सामना करना पड़ सकता है। एस्टेट विभाग ने बुधवार को पार्टी को एक सख्त नोटिस जारी किया, जिसमें 24 अकबर रोड स्थित मुख्यालय को 28 मार्च तक खाली करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही, 5 रायसीना रोड पर स्थित भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) के कार्यालय को भी इसी समय सीमा के भीतर खाली करने का नोटिस दिया गया है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।
पुराने मुख्यालय का मोह
दिल्ली के 24 अकबर रोड पर स्थित यह बंगला पिछले 48 वर्षों से कांग्रेस का मुख्यालय रहा है। हालांकि, पार्टी ने पिछले साल कोटला मार्ग पर 'इंदिरा भवन' नाम से नया कार्यालय खोला था, लेकिन पुराने परिसर को अभी तक खाली नहीं किया गया है। आज भी कई महत्वपूर्ण बैठकें और राजनीतिक गतिविधियाँ इसी पुराने मुख्यालय से संचालित हो रही हैं।
विरासत की रक्षा के लिए कानूनी कदम
कांग्रेस के लिए 24 अकबर रोड का कार्यालय केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि यह संगठन के लंबे इतिहास और विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि वे इस ऐतिहासिक संपत्ति के लिए बाजार मूल्य के अनुसार पूरा किराया चुका रहे हैं। ऐसे में जबरन बेदखली को रोकने के लिए कांग्रेस अब अदालत का सहारा लेने की योजना बना रही है।
सिंघवी का विरोध
कांग्रेस में इस बेदखली नोटिस को लेकर भारी नाराजगी है। कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने एस्टेट विभाग की कार्रवाई को अवैध और राजनीति से प्रेरित बताया है। सिंघवी ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस नोटिस के सामने नहीं झुकेगी और अपने मुख्यालय को बचाने के लिए सभी कानूनी उपायों का उपयोग करेगी।