कांग्रेस को विधान परिषद चुनाव में मिली निराशा, भाजपा ने जीती आधी सीटें
चुनाव परिणामों का विश्लेषण
हाल ही में चार राज्यों में हुए विधान परिषद चुनावों में कांग्रेस पार्टी को कोई भी सीट नहीं मिली है। पहले से उसके पास दो सीटें थीं, लेकिन उसने दोनों खो दी हैं। यह राहुल गांधी के लिए एक बड़ा झटका है, जो मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने और एसआईआर के खिलाफ देशभर में आंदोलन चला रहे हैं। कर्नाटक में, कांग्रेस ने एक सीट खो दी है, जहां चार सीटों में से एक कांग्रेस की थी और तीन भाजपा की। भाजपा ने अपनी सभी सीटें बरकरार रखी हैं, जबकि कांग्रेस की सीट जेडीएस ने जीत ली।
कांग्रेस के प्रमुख नेता पुटन्ना, जो बेंगलुरू शिक्षक सीट से एमएलसी थे और लगातार पांच बार जीतते आ रहे थे, इस बार जेडीएस के एपी रंगनाथ से हार गए हैं। यह न केवल मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के लिए बल्कि पूरी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। कांग्रेस की दूसरी सीट बिहार की दरभंगा शिक्षक सीट थी, जहां से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा एमएलसी थे, लेकिन इस बार वे भी चुनाव हार गए हैं। जनसुराज पार्टी के सुरेश राय ने उन्हें हराया। इस प्रकार, कांग्रेस अब शून्य पर आ गई है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने चार राज्यों में 28 में से 14 विधान परिषद सीटें जीत ली हैं, जो कि 50 प्रतिशत हैं। हालांकि, उसने बिहार में एक सीट गंवाई, लेकिन नई सीट जीतकर अपनी संख्या बराबर कर ली। कर्नाटक में भाजपा ने तीन सीटें बचा ली हैं और उत्तर प्रदेश में भी उसकी छह सीटें कायम हैं।