कांग्रेस ने पीएम मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया
प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप
नई दिल्ली। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कांग्रेस के नेता केसी वेणुगोपाल ने मंगलवार को लोकसभा के स्पीकर ओम बिरला को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस सौंपा है। उनके आरोप के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने हाल ही में 'राष्ट्र के नाम संबोधन' में लोकसभा सदस्यों पर आरोप लगाकर संसदीय विशेषाधिकार का उल्लंघन किया।
वेणुगोपाल ने लोकसभा की कार्यप्रणाली के नियम 222 के तहत यह नोटिस प्रस्तुत किया। उन्होंने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 18 अप्रैल 2026 को प्रसारित संबोधन में प्रधानमंत्री ने सांसदों के आचरण और मतदान के तरीकों पर सवाल उठाए। कांग्रेस का कहना है कि यह 29 मिनट का संबोधन उस समय आया जब 'संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026' लोकसभा में पारित नहीं हो सका। यह विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत प्राप्त नहीं कर पाया और गिर गया। इस विधेयक में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करने का प्रावधान था।
रिपोर्टों के अनुसार, वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों के कर्तव्यों पर सवाल उठाना न केवल व्यक्तिगत हमला है, बल्कि यह संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक अधिकारों का भी अपमान है। उन्होंने स्पीकर से इस मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। इस मुद्दे पर जयराम रमेश ने भी प्रतिक्रिया दी है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संबोधन विपक्ष की एकजुटता के बाद आया और इसमें कांग्रेस पर कई हमले किए गए। वास्तव में, 'संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026' लोकसभा में पास नहीं हो पाया, जिसके बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। अब इसी संबोधन को लेकर कांग्रेस ने विशेषाधिकार हनन का मुद्दा उठाया है।