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कांग्रेस ने मानसून सत्र के लिए तैयारियां शुरू की, उठाएगी महत्वपूर्ण मुद्दे

कांग्रेस पार्टी ने 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। पार्टी प्रमुख मुद्दों जैसे राम मंदिर चढ़ावे की चोरी और पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसके अलावा, कांग्रेस सरकार के संशोधन विधेयकों का विरोध करने का भी निर्णय लिया है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, जिसमें महिलाओं के लिए आरक्षण और न्यायाधीशों को हटाने से जुड़े विधेयक शामिल हैं।
 

कांग्रेस की तैयारियां और प्रमुख मुद्दे

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने 20 जुलाई से शुरू होने वाले मानसून सत्र के लिए अपनी रणनीति तैयार कर ली है। पार्टी ने राम मंदिर चढ़ावे की चोरी और पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने के मुद्दे को उठाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, सरकार के संशोधन विधेयकों का भी विरोध किया जाएगा।


यह निर्णय कांग्रेस की संसदीय दल की बैठक में लिया गया, जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर पीएम मोदी को पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। बैठक सोनिया गांधी के निवास पर आयोजित की गई थी, जिसमें कई प्रमुख नेता शामिल हुए।


My letter to the PM Modi, once again requesting him to convene an All Party Meeting to discuss the Government’s revise proposals on Delimitation etc.

All of March and April, 2026, I had been writing to Hon'ble Minister of Parliamentary Affairs requesting that the Union… pic.twitter.com/FidK3kDSek

— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 16, 2026


जयराम रमेश ने कहा कि आगामी मानसून सत्र में सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले प्रमुख विधेयकों का कांग्रेस पुरजोर विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि कई मुद्दे हैं, जिन्हें विशेष रूप से उठाया जाएगा, जैसे चंदे की चोरी और विश्वासघात। प्रभु श्रीराम मंदिर से जुड़े नए खुलासे भी सामने आ रहे हैं।


उन्होंने कहा कि अयोध्या में भाजपा और RSS द्वारा किए गए घोटाले का मुद्दा उठाया जाएगा। NEET और ई20 घोटाले जैसे मुद्दे भी हैं, जिनमें कई वरिष्ठ भाजपा नेता शामिल हैं। कांग्रेस ने पहले ही महिलाओं के लिए एक तिहाई सीटों के आरक्षण के संबंध में अपना रुख स्पष्ट किया था।


जयराम रमेश ने न्यायाधीशों को हटाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर भी चर्चा की। इस विधेयक की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) बनाई गई है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका बहिष्कार किया है। कांग्रेस इस विधेयक का भी विरोध करेगी।


कांग्रेस एफसीआरए का भी विरोध करेगी: जयराम रमेश

उन्होंने कहा कि यदि सरकार 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' लाती है, तो कांग्रेस इसका विरोध करेगी। जयराम रमेश ने बताया कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक फिर से लाया जा सकता है, जिसका कांग्रेस पहले भी विरोध कर चुकी है।