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कांग्रेस में बड़े बदलाव: 185 पदाधिकारियों का निलंबन

कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली में आयोजित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में अनुपस्थित रहने के कारण 185 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई राहुल गांधी के निर्देश पर की गई है, जिसमें संगठन की अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई है। कई पदाधिकारियों ने अपनी अनुपस्थिति के पीछे पारिवारिक कारण और तकनीकी समस्याओं का हवाला दिया है। भाजपा ने इस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए हैं। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

कांग्रेस में अनुशासन की सख्ती


कांग्रेस के लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर भारतीय युवा कांग्रेस ने संगठन में महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली में भाग नहीं लेने के कारण 8 राज्यों के 185 से अधिक पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है। सूत्रों के अनुसार, संगठन की समीक्षा के बाद यह संख्या 500 तक बढ़ सकती है.


डिजिटल हाजिरी का अनिवार्य होना

दरअसल, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली का आयोजन किया गया था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और कथित 'वोट चोरी' के मुद्दे को उठाया गया।


रैली में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति दर्ज करने के लिए यूथ कांग्रेस ने 'With IYC' ऐप और बारकोड स्कैनर के माध्यम से डिजिटल हाजिरी अनिवार्य की थी। संगठन का दावा है कि रैली में लगभग 15 हजार कार्यकर्ता शामिल हुए, लेकिन ऐप पर केवल 2,831 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया।


मध्य प्रदेश और गुजरात में सबसे अधिक निलंबन

यूथ कांग्रेस के आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक निलंबन मध्य प्रदेश और गुजरात में हुए हैं। मध्य प्रदेश में 60, गुजरात में 49, झारखंड में 32, पश्चिम बंगाल में 26, तेलंगाना में 14, हिमाचल प्रदेश में 13, उत्तर प्रदेश (मध्य) में 13 और हरियाणा में 10 पदाधिकारियों को निलंबित किया गया है।


इनमें प्रदेश उपाध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, महासचिव और सचिव स्तर के पदाधिकारी शामिल हैं। 3 नवंबर को राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश पर निलंबन के आदेश जारी किए गए थे।


यूथ कांग्रेस अध्यक्ष का बयान

यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि जब राहुल गांधी के आह्वान पर युवा सड़कों पर उतर रहे हैं, तब संगठन के पदाधिकारियों का घर पर रहना स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाने और अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है।


सस्पेंड किए गए पदाधिकारियों की दलीलें

सस्पेंड किए गए कई पदाधिकारियों ने अपनी अनुपस्थिति के पीछे पारिवारिक कार्यक्रम, बीमारी और अंतिम संस्कार जैसे कारण बताए हैं। कुछ नेताओं का कहना है कि इंटरनेट की समस्या के कारण वे ऐप पर डिजिटल हाजिरी नहीं लगा सके।


मध्य प्रदेश यूथ कांग्रेस के महासचिव रोहित राजोरिया ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्होंने 15 साल तक पार्टी के लिए काम किया और 15 एफआईआर भी झेलीं, लेकिन एक कार्यक्रम में नहीं पहुंचने पर उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी गई।


यूथ कांग्रेस ने कहा है कि जिन पदाधिकारियों के पास अनुपस्थित रहने के संतोषजनक कारण होंगे, उनके मामलों की समीक्षा कर संगठन में वापसी पर विचार किया जाएगा।


भाजपा की प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। भाजपा प्रवक्ता सीआर केशवन ने इसे 'डायवर्जन ड्रामा' बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने ही संगठन में पदाधिकारियों के निलंबन से ध्यान हटाने के लिए प्रधानमंत्री को बहस की चुनौती दे रहे हैं।