कांग्रेस सांसद ने महात्मा गांधी के सपनों को मिटाने की कोशिशों पर उठाया सवाल
मनरेगा बचाओ संग्राम का आगाज़
मनरेगा बचाओ संग्राम: हाल ही में मोदी सरकार ने मनरेगा की जगह VB-G RAM G एक्ट को लागू किया है, जिसका विरोध कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने किया है। इस संदर्भ में, अमेठी के कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि महात्मा गांधी की हत्या करने वाली ताकतें अब उनके नाम को मिटाने और उनके सपनों को नष्ट करने का प्रयास कर रही हैं।
कांग्रेस सांसद ने गौरीगंज में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के माध्यम से गांधी के सपनों को साकार किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि गांधी का सपना था कि गांवों में विकास योजनाएं बनाई जाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि आए। मनरेगा ने इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शर्मा ने कहा, "महात्मा गांधी के विचारों को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस सरकार ने मनरेगा की शुरुआत की थी, जिसमें 90 प्रतिशत बजट केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता था। योजना 125 दिनों के रोजगार का वादा करती है, लेकिन राज्य सरकारें 10 प्रतिशत भी नहीं दे पा रही हैं, तो 40 प्रतिशत कैसे देंगी? केंद्र सरकार ने अब 60 प्रतिशत और राज्यों का हिस्सा 40 प्रतिशत तय कर दिया है।"
अमेठी के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत 1,073 परिवारों को रोजगार मिला है। इसके अलावा, सरकार ने मनरेगा के तहत किए गए कार्यों के लिए 21,70,582 रुपये का भुगतान अभी तक जारी नहीं किया है, जिससे गांवों में विकास रुक गया है। यह "ग्राम पंचायतों को कमजोर करने और विकास प्रक्रिया को बाधित करने की साजिश" है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस 12 से 29 जनवरी तक 'मनरेगा बचाओ संग्राम' नामक एक देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी, जिसका नेतृत्व उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी करेंगी। शर्मा ने कहा, "संसद में सरकार विपक्ष की बात सुनने को तैयार नहीं है और मनमानी कर रही है। इसलिए कांग्रेस यह आंदोलन शुरू कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता, जनता के समर्थन से, गांवों से लेकर राज्य विधानसभाओं और संसद तक विरोध प्रदर्शन करेंगे।"