कांशीराम की पुण्यतिथि पर मायावती ने दी श्रद्धांजलि
कांशीराम की 20वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि
कांशीराम की पुण्यतिथि : बसपा की प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को अपने पार्टी के संस्थापक कांशीराम की 20वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और मायावती के भतीजे आकाश आनंद भी उपस्थित थे। हाल ही में पार्टी में हुए विवाद के बाद यह पहला मौका था जब मायावती और आकाश एक साथ नजर आए, जिससे उनके बीच के मतभेदों के समाप्त होने के संकेत मिलते हैं।
मायावती ने लखनऊ में बसपा के केंद्रीय कार्यालय में कांशीराम की तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। इस मौके पर आकाश आनंद और अन्य पार्टी नेताओं ने भी कांशीराम को श्रद्धांजलि दी। इससे पहले, मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'देश में जाति के आधार पर सदियों से शोषित रहे बहुजन समाज के करोड़ों दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों और अन्य कमजोर वर्गों को उनके वोट की ताकत के माध्यम से सत्ता की मास्टर चाबी देकर उन्हें शोषित से शासक वर्ग बनाने हेतु उनके मसीहा बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान को आगे बढ़ाने के लिए कांशीराम जी को आज उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर बी.एस.पी. परिवार की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।'
देश में जाति के आधार पर सदियों से तोड़े व पछाड़े गये ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के करोड़ों दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों एवं अन्य कमज़ोर तबक़ों आदि को उनके वोट की ताक़त के माध्यम से सत्ता की मास्टर चाबी देकर उन्हें शोषित से शासक वर्ग बनाने हेतु इनके मसीहा परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के रुके एवं बिखरे हुये कारवाँ को आगे मंज़िल तक पहुँचाने के लिये बहुजन समाज पार्टी (बी.एस.पी.) के जन्मदाता एवं संस्थापक मान्यवर श्री कांशीराम जी को आज उनके महापरिनिर्वाण दिवस पर बी.एस.पी. परिवार की ओर से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि व अपार श्रद्धा-सुमन अर्पित।
मान्यवर श्री कांशीराम जी के मिशनरी संकल्प का ही यह सुखद परिणाम था कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल व महत्वपूर्ण राज्य में मेरे नेतृत्व में बी.एस.पी. की चार बार सरकार बनी और इसके माध्यम से ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ के ऐतिहासिक कार्य करके ’बहुजन समाज’ में समय-समय पर जन्मे महान संतों, गुरुओं व महापुरुषों में भी ख़ासकर महात्मा ज्योतिबा फुले, श्री नारायणा गुरु, राजर्षि छत्रपति शाहूजी महाराज व बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर आदि के समता व समानता के हक़ के लिये उनके अतुलनीय संघर्ष व बहुमूल्य योगदान को ज़मीनी स्तर पर उतारकर संविधान के पवित्र मंशा की पूर्ति की गयी।
यही नहीं बल्कि इन महापुरुषों की प्रेरणा से, यूपी में सर्वसमाज के हित में अपराध नियंत्रण व क़ानून व्यवस्था के मामलों में क़ानून द्वारा क़ानून का राज क़ायम करके तथा जनहित, जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी, बेहतरीन सरकार देकर मान्यवर श्री कांशीराम जी को सच्ची श्रद्धांजलि व श्रद्धा-सुमन अर्पित किया गया।— Mayawati (@Mayawati) October 9, 2026
मायावती ने आगे कहा, 'मान्यवर श्री कांशीराम जी के मिशनरी संकल्प का ही यह सुखद परिणाम था कि उत्तर प्रदेश जैसे विशाल व महत्वपूर्ण राज्य में मेरे नेतृत्व में बी.एस.पी. की चार बार सरकार बनी और इसके माध्यम से ’सामाजिक परिवर्तन व आर्थिक मुक्ति’ के ऐतिहासिक कार्य किए गए। इन महान संतों और महापुरुषों के संघर्ष को जमीन पर उतारकर संविधान की पवित्र मंशा को पूरा किया गया।'