कुवैत में ड्रोन हमले से तेल रिफाइनरी में लगी आग, ईरान के हमले बढ़े
कुवैत में ड्रोन हमले का असर
कुवैत ने गुरुवार को सूचित किया कि एक ड्रोन हमले के कारण देश की एक प्रमुख तेल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। सरकारी समाचार एजेंसी कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने इस घटना की पुष्टि की। समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, इस हमले के बाद एक अन्य रिफाइनरी में भी आग लगने की सूचना मिली है। हालांकि, इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। मीना अल-अहमदी रिफाइनरी, जो मध्य पूर्व की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक मानी जाती है, की दैनिक उत्पादन क्षमता 7,30,000 बैरल है।
ईरान के हमलों में वृद्धि
यह घटना उस समय हुई है जब ईरान ने अपने खाड़ी अरब पड़ोसी देशों के ऊर्जा ढांचे पर हमले तेज कर दिए हैं। इजरायल द्वारा अपने प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर हमले के जवाब में, ईरान ने कतर के द्रवीकृत प्राकृतिक गैस संयंत्रों और कुवैत की रिफाइनरी पर हमले किए। इस स्थिति ने मध्य पूर्व में तनाव को बढ़ा दिया है, जिससे वैश्विक ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो रही है। संयुक्त अरब अमीरात के तट पर एक जहाज में आग लग गई और कतर के तट पर एक अन्य जहाज को नुकसान पहुंचा। कतर ने ईरानी मिसाइल हमलों के बाद एक प्रमुख एलएनजी संयंत्र में लगी आग को बुझाने की जानकारी दी।
रिफाइनरी की महत्वता
मीना अल-अहमदी रिफाइनरी, जो प्रतिदिन 7,30,000 बैरल पेट्रोलियम का उत्पादन करती है, मध्य पूर्व की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है। अबू धाबी के अधिकारियों ने ईरान के हमलों को "खतरनाक वृद्धि" करार दिया है, जिसके कारण हबशान गैस संयंत्र और बाब क्षेत्र में परिचालन बंद करना पड़ा। कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने ईरानी हमलों की निंदा की है। सऊदी अरब के शीर्ष राजनयिक ने कहा कि इन हमलों ने पहले के विश्वास को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 110 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।