कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रबी अभियान 2026 के लिए की तैयारियों की घोषणा
किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार का संकल्प
नई दिल्ली- अल-नीनो की संभावनाओं, मानसून में 12 प्रतिशत की कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उर्वरकों की बढ़ती कीमतों के बीच, केंद्र सरकार ने किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन- रबी अभियान 2026 के दौरान, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि चाहे मौसम की चुनौतियाँ हों या प्राकृतिक आपदाएँ, सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने रबी बुवाई के लिए आवश्यक खाद, प्रमाणित बीज और वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता का आश्वासन दिया। इसके साथ ही, उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के लिए किसानों को एकतरफा दोषी ठहराने की प्रथा पर कड़ी आपत्ति जताई।
रबी सीजन की तैयारी: एक मजबूत प्रशासनिक प्रक्रिया
कृषि मंत्री ने बताया कि रबी सीजन की तैयारी अचानक नहीं हुई है, बल्कि इसके पीछे एक मजबूत प्रशासनिक प्रक्रिया है। पिछले 15 दिनों से राज्य सरकारें जिला और राज्य स्तर पर रबी अभियान की तैयारी में जुटी हुई थीं।
10 घंटे की मैराथन बैठक
सम्मेलन के पहले दिन, सभी राज्यों के कृषि सचिवों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने दिल्ली में 10 घंटे तक केंद्र और राज्यों के बीच कृषि योजनाओं की गहन समीक्षा की।
कृषि मंत्रियों की उपस्थिति में निर्णय
कृषि मंत्रियों ने अपनी प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं को साझा किया, जिससे रबी की राष्ट्रीय कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
भारतीय कृषि की विकास यात्रा
शिवराज सिंह ने कहा कि 2015 के बाद कृषि में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि स्वतंत्र भारत में कृषि विकास को तीन चरणों में देखा जा सकता है। पहले चरण (1967 से 1995) में खाद्यान्न उत्पादन में औसत वार्षिक वृद्धि दर 4.1 मिलियन टन थी, जबकि दूसरे चरण (1996 से 2014) में यह घटकर 3.9 मिलियन टन रह गई। तीसरे चरण (2015 के बाद) में यह दर बढ़कर 8.4 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई है।
अल-नीनो और खरीफ की बुवाई
केंद्रीय मंत्री ने अल-नीनो की आशंकाओं और मानसूनी बारिश की असमानता के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अप्रैल से ही अल-नीनो से निपटने के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे।
कंटीजेंसी प्लान की सफलता
कम बारिश के कारण खरीफ फसलों के बुवाई क्षेत्र में गिरावट की आशंका थी, लेकिन केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयासों से यह टल गई।
उर्वरकों का भंडार
कृषि मंत्री ने बताया कि देश में 163 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडार उपलब्ध है, जो पिछले साल की तुलना में अधिक है।
खेत बचाओ अभियान
22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक 'खेत बचाओ अभियान' चलाया जाएगा, जिसमें कृषि विशेषज्ञ सीधे किसानों के बीच जाएंगे।
रबी उत्पादन का लक्ष्य
कृषि मंत्री ने बताया कि 2026-27 के लिए रबी उत्पादन का लक्ष्य 177.72 मिलियन टन रखा गया है।
किसानों को सुरक्षा कवच
केंद्र सरकार ने MSP से नीचे दाल और तिलहन के भाव नहीं जाने देने का निर्णय लिया है।
प्रदूषण के मुद्दे पर स्पष्टता
कृषि मंत्री ने प्रदूषण के लिए केवल किसानों को दोषी ठहराने की प्रथा पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह उचित नहीं है।