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केंद्र सरकार का ई-रिक्शा ऐप पर बड़ा कदम: सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बैन

केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा को अचानक रोकने वाले चीनी मोबाइल ऐप्स पर सख्त कार्रवाई की है। BAT-BMS, Lossigy और Epochl-i-ion जैसे ऐप्स को प्ले स्टोर से हटाने का आदेश दिया गया है। इन ऐप्स का दुरुपयोग कर ई-रिक्शा की बैटरी से बिना अनुमति कनेक्ट होकर पावर सप्लाई बंद की जा सकती थी। विशेषज्ञों ने चालकों को बैटरी का पासवर्ड बदलने और सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह दी है। जानें इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे की वजह और चालकों के लिए सुरक्षा उपाय।
 

सरकार का निर्णय


केंद्र सरकार ने ई-रिक्शा को अचानक रोकने वाले चीनी मोबाइल ऐप्स पर सख्त कार्रवाई की है। BAT-BMS, Lossigy और Epochl-i-ion जैसे ऐप्स को तुरंत प्ले स्टोर से हटाने का आदेश दिया गया है। आईटी मंत्रालय ने शुक्रवार को इस संबंध में जानकारी दी। सरकार का कहना है कि ये ऐप्स मूल रूप से बैटरी की जांच और सर्विसिंग के लिए बनाए गए थे, लेकिन कुछ उपयोगकर्ता इनका दुरुपयोग कर रहे थे।


दुरुपयोग की समस्या

इन ऐप्स के माध्यम से ई-रिक्शा की बैटरी से बिना अनुमति कनेक्ट होकर पावर सप्लाई बंद की जा सकती थी। इसी कारण से केंद्र ने इन्हें हटाने का निर्णय लिया है, हालांकि ये ऐप्स अभी भी प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं।


बैटरी की जानकारी के लिए ऐप्स

BAT-BMS ऐप को चीन की कंपनी शेन्जेन ग्रीनर्जी टेक्नोलॉजी ने बैटरी की चार्जिंग, तापमान और वोल्टेज जैसी जानकारी देखने के लिए विकसित किया था। भारत में बिकने वाले कई सस्ते ई-रिक्शा में चीनी लिथियम बैटरी का BMS पासवर्ड या सुरक्षा से रहित होता है।


इससे बैटरी का ब्लूटूथ 10 से 15 मीटर की दूरी तक किसी भी फोन से जुड़ सकता है। ऐप में मौजूद बैटरी बंद करने वाला फीचर, जो मरम्मत के लिए बनाया गया था, अब कुछ लोग इसका गलत इस्तेमाल कर ई-रिक्शा की बिजली काट देते हैं।


ई-रिक्शा चालकों की सुरक्षा

विशेषज्ञों का सुझाव है कि चालकों को अपनी बैटरी का डिफॉल्ट पासवर्ड बदलना चाहिए। यदि बैटरी में एप कंट्रोल लॉक या रिमोट कंट्रोल लॉक का विकल्प हो, तो उसे सक्रिय करना चाहिए। जिन चालकों को ब्लूटूथ मॉनिटरिंग की आवश्यकता नहीं है, वे तकनीशियन की मदद से ब्लूटूथ मॉड्यूल बंद करवा सकते हैं।


इससे कोई अन्य मोबाइल बैटरी से कनेक्ट नहीं हो पाएगा। हालांकि, यह खतरा केवल कुछ ब्लूटूथ आधारित लिथियम बैटरी सिस्टम तक सीमित है। पारंपरिक लेड-एसिड बैटरी वाले अधिकांश ई-रिक्शा इस समस्या से प्रभावित नहीं होते।