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केंद्र सरकार ने परिसीमन और महिला आरक्षण बिल का मसौदा जारी किया

केंद्र सरकार ने परिसीमन और महिला आरक्षण के बिल का मसौदा जारी किया है, जिसमें लोकसभा और विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव है। इस बदलाव से बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में विधायकों की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी। नए संसद भवन में 880 सांसदों के बैठने की व्यवस्था है, और यह प्रस्तावित बदलाव कई राज्यों में नई विधानसभाओं के निर्माण की आवश्यकता को भी जन्म देगा। जानें इस महत्वपूर्ण बिल के बारे में और क्या बदलाव हो सकते हैं।
 

परिसीमन और महिला आरक्षण बिल का मसौदा

केंद्र सरकार ने हाल ही में परिसीमन और महिला आरक्षण से संबंधित बिल का मसौदा प्रस्तुत किया है। इस प्रस्ताव के अनुसार, लोकसभा में कुल 850 सीटें होंगी। इसी को ध्यान में रखते हुए संसद की नई इमारत का निर्माण किया गया था। 2023 में बने नए संसद भवन में लोकसभा के लिए 880 सांसदों के बैठने की व्यवस्था है। हालांकि, परिसीमन के माध्यम से सरकार केवल लोकसभा सांसदों की संख्या नहीं बढ़ा रही है, बल्कि राज्यों की विधानसभाओं में भी सीटों की संख्या में वृद्धि की जा रही है। जैसे लोकसभा में 50 प्रतिशत से अधिक सीटें बढ़ाई जा रही हैं, उसी तरह विधानसभाओं में भी सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होगी।


इसका मतलब यह है कि बिहार में विधायकों की संख्या 243 से बढ़कर 364 हो सकती है। दिल्ली में विधायकों की संख्या 105 हो जाएगी। उत्तर प्रदेश में यह संख्या 600 से अधिक हो जाएगी। झारखंड में हाल ही में नई विधानसभा का निर्माण हुआ है, जहां 120 विधायकों के बैठने की जगह है। लेकिन बिहार, उत्तर प्रदेश, और दिल्ली जैसे कई राज्यों में विधानसभा पुरानी है। ऐसे में 50 प्रतिशत सीटों की वृद्धि होने पर नई विधानसभा का निर्माण करना आवश्यक होगा। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में सीटों की वृद्धि क्रमशः 2030 और 2032 के चुनावों में होगी। वहीं, आंध्र प्रदेश, ओडिशा जैसे राज्यों में सीटों की वृद्धि तीन साल बाद होगी। इसलिए अधिकांश राज्यों में नई विधानसभाओं का निर्माण करना पड़ेगा।