×

केंद्र सरकार ने भूटान से ई20 पेट्रोल के आयात को लेकर रिपोर्ट्स को खारिज किया

केंद्र सरकार ने भूटान से ई20 पेट्रोल के आयात को लेकर आई रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भूटान ने ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं ठुकराया है और सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही जानकारी भ्रामक है। ई20 पेट्रोल के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आती है, और इसके बारे में फैलाए जा रहे दावों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

भूटान से ई20 पेट्रोल के आयात पर केंद्र का स्पष्टीकरण

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने रविवार को उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया था कि भूटान ने भारत से ई20 पेट्रोल लेने से मना कर दिया है।


 


पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा, "भूटान ने भारत से ई20 पेट्रोल आयात करने का प्रस्ताव ठुकराने का दावा गलत है।"


मंत्रालय ने आगे बताया, "ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (ओएमसी) द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है, और भूटान को ई20 पेट्रोल निर्यात करने का कोई प्रस्ताव भी नहीं है।"


साथ ही, मंत्रालय ने जनता से अनुरोध किया कि वे सही जानकारी के लिए केवल पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय और तेल वितरक कंपनियों द्वारा प्रदान की गई आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।


शनिवार को भूटान द्वारा ई20 पेट्रोल के आयात से इनकार करने की कई रिपोर्टें आई थीं, जिनमें कहा गया था कि पड़ोसी देश ने भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों से ई20 पेट्रोल का प्रस्ताव ठुकरा दिया है।


रिपोर्टों में यह भी उल्लेख किया गया कि भूटान के ई20 पेट्रोल का आयात न करने का कारण स्टोरेज से संबंधित चुनौतियां हैं।


इसके अलावा, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने ई20 पेट्रोल के बारे में सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे दावों को पूरी तरह से भ्रामक और वैज्ञानिक तथ्यों के विपरीत बताया है।


मंत्रालय ने कहा कि ई20 पेट्रोल के उपयोग से वाहनों के लिए कोई हानि नहीं होती है, और यह प्रदूषण को बढ़ाने या इंजन को नुकसान पहुंचाने का कारण नहीं बनता।


मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर झूठी और निराधार बातें फैलाने का उद्देश्य वाहन मालिकों को डराना है, जो कि प्रमुख ऑटोमोटिव अनुसंधान संस्थानों द्वारा किए गए तकनीकी अध्ययनों के विपरीत है।


मंत्रालय के अनुसार, ई20 पेट्रोल का उपयोग कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करता है, क्योंकि एथेनॉल में मौजूद कार्बन जैविक स्रोत से आता है, जिससे वातावरण में शुद्ध कार्बन उत्सर्जन नहीं बढ़ता।