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केंद्र सरकार ने विपक्ष को पश्चिम एशिया संकट पर दी जानकारी

नई दिल्ली में आयोजित ऑल पार्टी मीटिंग में केंद्र सरकार ने विपक्ष को पश्चिम एशिया संकट की स्थिति से अवगत कराया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने भाग लिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। बैठक का उद्देश्य राष्ट्रीय एकता को प्रदर्शित करना और विपक्ष को जानकारी देना था। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक में क्या चर्चा हुई और विपक्ष ने किस प्रकार का समर्थन दिया।
 

ऑल पार्टी मीटिंग में स्थिति की जानकारी


केंद्र सरकार ने विपक्ष को मौजूदा स्थिति से अवगत कराया


नई दिल्ली में आयोजित ऑल पार्टी मीटिंग में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों और पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट पर चर्चा की गई। इस बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की। सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं ने इसमें भाग लिया, जबकि केंद्र सरकार की ओर से अमित शाह, एस जयशंकर और निर्मला सीतारमण ने मौजूदा स्थिति की जानकारी दी।


बैठक लगभग 1 घंटे 45 मिनट तक चली, जिसमें सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। इस बैठक का उद्देश्य विपक्ष को जानकारी देना और राष्ट्रीय एकता को प्रदर्शित करना था। जेपी नड्डा और किरेन रिजिजू भी इस बैठक में शामिल हुए। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वैश्विक हालात और पश्चिम एशिया के संकट पर विस्तृत जानकारी दी। कांग्रेस के तारिक अनवर, मुकुल वासनिक, समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव और बीजद के सस्मित पात्रा भी उपस्थित थे।


सरकार को मिला विपक्ष का समर्थन

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि बैठक में सभी दलों ने भाग लिया और सरकार के साथ खड़े होने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सभी सवालों का उत्तर दिया गया और मौजूदा स्थिति पर विस्तार से जानकारी साझा की गई। रिजिजू ने सभी दलों का धन्यवाद करते हुए कहा कि देशहित के मुद्दों पर राजनीतिक दलों ने एकजुटता दिखाई है और सरकार जो भी कदम उठाएगी, उसमें पूरा सहयोग मिलेगा।


बैठक में विपक्ष को दी गई जानकारी

मंत्री ने बताया कि सरकार ने सभी सवालों और भ्रमों को स्पष्ट किया है। बैठक के अंत में विपक्षी दलों ने सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में सभी को एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने भी संसद के माध्यम से अपील की है कि किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भारतीय संसद को एकजुट रहना चाहिए। विपक्ष ने परिपक्वता दिखाई और कहा कि वे सरकार द्वारा उठाए गए हर कदम के साथ खड़े रहेंगे। कई सदस्यों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गैस और पेट्रोलियम सप्लाई के बारे में जानकारी मांगी थी और वे इस बात से संतुष्ट हैं कि भारत ने पहले ही चार जहाज सुरक्षित कर लिए हैं।