केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का गुजरात दौरा: आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव-2026
गाँव का विकास और संवाद कार्यक्रम
मनसुखभाई मांडविया के प्रयासों से खड़ा हुआ मॉडल गांव, गांधी जी के ग्राम स्वराज और प्रधानमंत्री के आदर्श ग्राम की जीवंत मिसाल
शिवराज सिंह का किसानों, महिलाओं और युवाओं से संवाद का कार्यक्रम, हणोल के अनुभवों को राष्ट्रीय स्तर पर साझा करेंगे
नई दिल्ली: केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 13 जनवरी, मंगलवार को गुजरात के भावनगर जिले के पालीताणा तालुका स्थित हणोल गांव में आयोजित “आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव-2026” में शामिल होने के लिए गुजरात का दौरा करेंगे। यह गांव केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुखभाई मांडविया के सतत प्रयासों से पूज्य बापू के ग्राम स्वराज के विचार और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आदर्श ग्राम के संकल्प का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।
डॉ. मनसुखभाई मांडविया का हणोल से आत्मिक और व्यक्तिगत जुड़ाव है, क्योंकि यही उनका जन्म स्थान है और उन्होंने यहां विकास कार्यों की निरंतर समीक्षा कर ग्राम को मॉडल विलेज के रूप में विकसित किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “ड्रीम विलेज” विजन को साकार करने के लिए डॉ. मांडविया के मार्गदर्शन में बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और ग्राम उद्योग के क्षेत्र में अनेक नवाचारपूर्ण प्रकल्प लागू किए गए हैं।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का यह दौरा, डॉ. मांडविया द्वारा विकसित हणोल मॉडल को देशभर में आत्मनिर्भर और आदर्श गांवों के रूप में प्रसार करने की संयुक्त प्रतिबद्धता को मजबूत करेगा। दोनों केंद्रीय मंत्री हणोल को ग्राम स्वराज, जनभागीदारी और आत्मनिर्भरता के ऐसे प्रेरक उदाहरण के रूप में देखते हैं, जो ग्रामीण भारत के विकास की नई दिशा तय कर सकता है।
श्री चौहान आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव-2026 के दौरान किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, युवाओं और स्थानीय प्रतिनिधियों से संवाद कर हणोल के प्रयोगों और अनुभवों को राष्ट्रीय स्तर पर साझा करने की रूपरेखा पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में डॉ. मनसुखभाई मांडविया सहित विभिन्न विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति में ग्रामीण विकास, कृषि नवाचार, आत्मनिर्भर ग्राम अर्थव्यवस्था और सामाजिक सशक्तिकरण से जुड़े सत्र एवं गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, शिवराज सिंह चौहान 13 जनवरी को प्रातः दिल्ली से अहमदाबाद के लिए रवाना होकर वहां से हेलीकॉप्टर द्वारा हणोल गांव पहुंचेंगे। दोपहर से शाम तक वे आत्मनिर्भर हणोल महोत्सव-2026 के विभिन्न कार्यक्रमों, प्रदर्शनी और स्थानीय समुदाय के साथ संवाद में सहभागी होंगे।