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केजरीवाल ने राम मंदिर चंदे में गबन पर मोदी से मांगा जवाब

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या में राम मंदिर के चंदे में कथित गबन के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल छोटे स्तर के लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि असली दोषियों को बचाया जा रहा है। केजरीवाल ने कहा कि यह असंभव है कि प्रधानमंत्री को इस मामले की जानकारी नहीं थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधते हुए सवाल किया कि श्रद्धालुओं के चंदे की चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।
 

केजरीवाल का आरोप


आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या में राम मंदिर के चंदे में कथित गबन के मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल छोटे स्तर के लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि असली दोषियों को बचाया जा रहा है।


केजरीवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मंदिर के लिए भूमि खरीदने और निर्माण के साथ-साथ श्रद्धालुओं से प्राप्त चंदे में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है।


उन्होंने यह भी कहा कि यह असंभव है कि प्रधानमंत्री को इस सबकी जानकारी नहीं थी।


केजरीवाल ने यह भी बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्यों का चयन स्वयं प्रधानमंत्री ने किया था और गृह मंत्रालय का एक अधिकारी भी ट्रस्ट का हिस्सा है। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री ने इस चोरी को रोकने के लिए कोई कदम क्यों नहीं उठाए।


उन्होंने कहा कि हमें केवल आठ लोगों की गिरफ्तारी से संतुष्ट नहीं होना चाहिए, असली दोषी तो कोई और हैं।


इसके अलावा, केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भी निशाना साधा, यह पूछते हुए कि श्रद्धालुओं के चंदे की चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही।


उन्होंने आरोप लगाया कि निजी व्यक्तियों ने राम मंदिर ट्रस्ट को 14 करोड़ रुपये की भूमि 95 करोड़ रुपये में बेची और निर्माण कार्यों में कमीशन की भी बातें सामने आई हैं।


उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की थी, जिसके बाद 25 जून को प्राथमिकी दर्ज की गई और मंदिर में चंदे की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया।


जांचकर्ताओं ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का बयान भी दर्ज किया है। राय ने हाल ही में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की थी।