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केदारनाथ यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई, बद्रीनाथ मार्ग पर यातायात प्रभावित

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने चारधाम यात्रा को प्रभावित किया है। प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है, जबकि बद्रीनाथ हाईवे पर यातायात जाम की स्थिति बनी हुई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए, प्रशासन ने यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने आगे भी भारी बारिश की चेतावनी दी है, जिससे यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
 

उत्तराखंड में भारी बारिश का प्रभाव

देहरादून- उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने चारधाम यात्रा को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। खराब मौसम और भूस्खलन के कारण प्रशासन ने केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, बद्रीनाथ हाईवे पर भी हजारों श्रद्धालु घंटों तक जाम में फंसे रहे, जिससे यात्रा की व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है।


श्रद्धालुओं की सुरक्षा प्राथमिकता

रुद्रप्रयाग प्रशासन ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसलिए, केदारनाथ धाम की यात्रा फिलहाल अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी है।


यात्रा पर अस्थायी रोक

प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रा पर अस्थायी रोक लगाई गई है। किसी भी आपात स्थिति में श्रद्धालु हेल्पलाइन नंबर 8958757335, 8218326386 या डायल-112 पर संपर्क कर सकते हैं।


बद्रीनाथ मार्ग पर जाम की स्थिति

चमोली जिले में जोशीमठ के पास बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-7) पर भीषण जाम की स्थिति बनी हुई है। वाहनों की लंबी कतारों के चलते यात्री परेशान हैं। प्रशासन ने यातायात को नियंत्रित करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की है और 30-30 मिनट के अंतराल पर एकतरफा ट्रैफिक संचालन शुरू किया गया है। चमोली के पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार के अनुसार, प्रतिदिन 30 से 35 हजार श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम और 5 से 10 हजार श्रद्धालु हेमकुंड साहिब की यात्रा कर रहे हैं।


सड़क नेटवर्क पर दबाव

उन्होंने बताया कि जोशीमठ-मारवाड़ी-विष्णुप्रयाग मार्ग का करीब 10 किलोमीटर हिस्सा अभी भी भू-धंसाव और खराब सड़क स्थिति से प्रभावित है। इसी वजह से यातायात प्रबंधन को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में संचालित करना पड़ रहा है। एसपी पंवार ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए जोशीमठ के नरसिंह मंदिर के पास विशेष गेट सिस्टम लागू किया गया है, जिसके तहत वाहनों को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ने की अनुमति दी जा रही है। प्रशासन का दावा है कि यह व्यवस्था फिलहाल प्रभावी साबित हो रही है और जाम को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।


भविष्यवाणी और सलाह

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को मौसम और प्रशासनिक निर्देशों पर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।