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केरल विधानसभा चुनाव 2026: उम्मीदवारों की संपत्ति पर बढ़ी चर्चा

2026 के केरल विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों की संपत्ति पर चर्चा तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के राजीव चंद्रशेखर ने सबसे अधिक संपत्ति घोषित की है। अन्य प्रमुख नेताओं की संपत्ति भी करोड़ों में है, जिससे चुनावी मैदान में 'करोड़पति' उम्मीदवारों की संख्या बढ़ती जा रही है। जानें और कौन से नेता इस सूची में शामिल हैं और उनकी संपत्ति का क्या विवरण है।
 

तिरुवनंतपुरम में संपत्ति का खुलासा


तिरुवनंतपुरम: 2026 के केरल विधानसभा चुनावों के नजदीक आते ही, राजनीतिक प्रतिस्पर्धा में तेजी आई है, और उम्मीदवारों की संपत्ति एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गई है। नामांकन के दौरान प्रस्तुत हलफनामों से यह स्पष्ट होता है कि कई उम्मीदवारों के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है। इस संदर्भ में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर का नाम सबसे ऊपर है।


राजीव चंद्रशेखर की संपत्ति

राजीव चंद्रशेखर तिरुवनंतपुरम की नेमोम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और उन्होंने लगभग ₹93.88 करोड़ की संपत्ति की घोषणा की है। इसमें से ₹78.81 करोड़ उनकी चल संपत्ति है, जिसमें नकद, निवेश और अन्य वित्तीय साधन शामिल हैं, जबकि शेष उनकी अचल संपत्ति है।


अन्य प्रमुख उम्मीदवारों की संपत्ति

चुनाव में करोड़ों की संपत्ति रखने वाले अन्य प्रमुख नेता भी शामिल हैं। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के नेता पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने लगभग ₹3.04 करोड़ की संपत्ति घोषित की है और वे मलप्पुरम सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बाद कांग्रेस के रमेश चेन्निथला का नाम आता है, जिनकी संपत्ति ₹2.65 करोड़ है।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी.डी. सतीशन की संपत्ति लगभग ₹1.01 करोड़ है, जबकि CPM के आर. बिंदु के पास ₹2.14 करोड़ की संपत्ति है।


मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं की संपत्ति

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी लगभग ₹1.01 करोड़ की संपत्ति घोषित की है। केरल कांग्रेस (M) के जोस के. मणि की संपत्ति लगभग ₹2.09 करोड़ है।


इसके अलावा, सीपीएम के के. एन. बालगोपाल (₹1.94 करोड़), BJP की शोभा सुरेंद्रन (लगभग ₹1.94 करोड़) और केरल कांग्रेस (M) के रोशी ऑगस्टीन (₹1.84 करोड़) भी इस सूची में शामिल हैं। CPI नेता के. राजन ने लगभग ₹80.42 लाख की संपत्ति घोषित की है, जो अन्य बड़े नेताओं की तुलना में कम है।


चर्चा का कारण

चुनावों के दौरान उम्मीदवारों की संपत्ति हमेशा चर्चा का विषय रहती है। यह नेताओं की आर्थिक स्थिति और उनके चुनावी संसाधनों को समझने में मदद करती है। 2026 के केरल विधानसभा चुनावों में यह स्पष्ट है कि राजनीति में 'करोड़पति' उम्मीदवारों की संख्या लगातार बढ़ रही है।