केरल विधानसभा चुनाव: मुख्यमंत्री पद के लिए नामों की चर्चा तेज
मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस
नई दिल्ली: केरल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की शानदार जीत ने देशभर का ध्यान आकर्षित किया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस राज्य की कमान किसके हाथ में होगी? जीत के जश्न के बीच मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस ने इस उलझन को सुलझाने के लिए अपने दो वरिष्ठ नेताओं, मुकुल वासनिक और अजय माकन को तिरुवनंतपुरम भेजा है। शुक्रवार को जब मुकुल वासनिक ने पत्रकारों से बात की, तो एक मजेदार घटना ने सियासी चर्चा को नया मोड़ दे दिया।
एक छोटी सी गलती ने खोला विधायकों की पसंद का राज
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुकुल वासनिक ने एक फाइल पकड़ी हुई थी, जिसे लेकर वे काफी सहज दिख रहे थे। लेकिन शायद उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि कैमरों की नजर उनकी फाइल के पन्नों तक पहुंच रही है। वासनिक ने फाइल को इस तरह पकड़ा था कि उसमें लगा एक कागज पत्रकारों और कैमरों को साफ-साफ दिखाई दे रहा था। देखते ही देखते उस कागज की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई। दावा किया जाने लगा कि यह वही सीक्रेट रिपोर्ट है, जिसमें केरल के नवनिर्वाचित विधायकों ने मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पहली पसंद का नाम लिखा है।
वायरल तस्वीर में एक सूची दिख रही थी, जिसमें विधायकों के नाम के आगे उनकी पसंद के मुख्यमंत्री उम्मीदवार का नाम लिखा था। उस लिस्ट में सबसे ज्यादा चमकने वाला नाम था केसी वेणुगोपाल। कागज के अनुसार, अधिकांश विधायकों ने संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पहली पसंद बताया है। वेणुगोपाल का नाम सामने आते ही समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई, क्योंकि वे न केवल दिल्ली दरबार के करीबी माने जाते हैं, बल्कि केरल की जमीनी राजनीति पर भी उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। हालांकि, जैसे ही यह तस्वीर वायरल हुई, मुकुल वासनिक बचाव की मुद्रा में आ गए। उन्होंने तुरंत सफाई देते हुए कहा कि यह तस्वीर और इसमें दिखाए गए तथ्य पूरी तरह गलत हैं और इनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है।
तीन दिग्गजों के बीच फंसा पेच, खड़गे के फैसले का इंतजार
हालांकि मुकुल वासनिक इसे महज एक इत्तेफाक या गलत जानकारी बता रहे हैं, लेकिन केरल में सीएम पद की रेस अब तीन बड़े नामों के इर्द-गिर्द सिमट गई है। पहले नंबर पर निस्संदेह केसी वेणुगोपाल हैं, जिनका रसूख दिल्ली से लेकर केरल तक फैला है। दूसरे मजबूत दावेदार वी.डी. सतीशन हैं, जिन्होंने नेता प्रतिपक्ष के रूप में विधानसभा में सरकार की नाक में दम कर रखा था और युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता सातवें आसमान पर है। वहीं, तीसरे नंबर पर रमेश चेन्निथला का नाम है, जिनके पास राज्य की राजनीति और प्रशासन चलाने का दशकों का अनुभव है। मुकुल वासनिक और अजय माकन ने अब अपनी फाइनल रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को सौंप दी है। अब देखना दिलचस्प होगा कि हाईकमान उस ‘वायरल फाइल’ वाली पसंद पर मुहर लगाता है या केरल को कोई नया सरप्राइज मिलता है। सबका दिल बस इसी इंतजार में धड़क रहा है कि केरल का अगला ‘कैप्टन’ कौन होगा?