केशव प्रसाद मौर्य का आजम खान पर बड़ा बयान: भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई
उत्तर प्रदेश की राजनीति में हलचल
UP Politics: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान के बारे में महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आजम खान को उनके मुस्लिम होने या विश्वविद्यालय स्थापित करने के कारण सजा नहीं मिल रही है, बल्कि यह कार्रवाई उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य आरोपों के चलते हो रही है। इस दौरान, मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा और आजम खान के कार्यकाल से जुड़े मामलों की जांच को विस्तारित करने की मांग की।
डिप्टी सीएम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आजम खान अखिलेश यादव की सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। यदि उनके कार्यकाल में कोई अनियमितता हुई है, तो उसकी जांच आवश्यक है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या जांच केवल आजम खान तक सीमित रहनी चाहिए? तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
केशव प्रसाद मौर्य ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित इंडिया गठबंधन के नेताओं पर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र जनता के जनादेश पर आधारित है, न कि राजनीतिक प्रदर्शनों और दबावों पर। डिप्टी सीएम ने दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शनों पर भी टिप्पणी की, यह कहते हुए कि ऐसे कार्यक्रमों का राजधानी के व्यापार और सामान्य गतिविधियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में, केशव मौर्य ने दावा किया कि 2027 में उत्तर प्रदेश में बीजेपी फिर से सत्ता में आएगी। उन्होंने कहा कि जनता विकास और सुशासन के साथ है। इसके अलावा, उन्होंने 2029 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में लगातार चौथी बार बीजेपी सरकार बनने का विश्वास व्यक्त किया।
केशव मौर्य के इस बयान के बाद, यूपी की राजनीति में आजम खान और अखिलेश यादव के बीच सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं।