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केशव प्रसाद मौर्य का समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर हमला

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर राम मंदिर चढ़ावा मामले में झूठ फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पहले इन दलों ने श्रीराम मंदिर का विरोध किया और अब चढ़ावे पर बेवजह विरोध कर रहे हैं। मौर्य ने इस मुद्दे पर अपनी बात सोशल मीडिया पर साझा की और कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। विपक्षी दल के नेता इस मामले को लेकर सवाल उठा रहे हैं। जानें इस राजनीतिक विवाद की पूरी कहानी।
 

राजनीतिक विवाद और राम मंदिर चढ़ावा


लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के नेताओं पर तीखा हमला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता राम मंदिर चढ़ावे के मामले में झूठ और भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं। मौर्य ने कहा कि पहले इन दलों ने श्रीराम मंदिर का विरोध किया और अब चढ़ावे पर जांच पूरी होने से पहले ही बेवजह विरोध कर रहे हैं।


सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मौर्य ने लिखा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से स्वाभाविक चिढ़ है। इन दोनों दलों ने इंडी गठबंधन को भी अपने विवाद में शामिल कर लिया है।


उन्होंने कहा कि इन दलों का इस मामले में झूठ और भ्रम फैलाना एक विशेष आदत बन चुकी है। पहले श्रीराम मंदिर का विरोध और अब चढ़ावे पर जांच पूरी होने से पहले ही विरोध करके अखिलेश यादव और उनकी 'लठैतवादी मंडली' घटिया राजनीति कर रही है।


श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से कांग्रेस व समाजवादी पार्टी की स्वाभाविक चिढ़ रही है। इन दोनों दलों ने इंडी गठबंधन को भी अपने लपेटे में ले लिया है।

उनका इस मामले में झूठ, भ्रम और ज़हर फैलाना एक ख़ास शग़ल बन चुका है। पहले श्रीराम मंदिर का विरोध और अब उसके चढ़ावे पर जांच पूरी होने के…

— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) June 27, 2026



उन्होंने आगे कहा कि SIT जांच के बाद FIR दर्ज की गई है और गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं। यह स्पष्ट है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन राम और सनातन विरोधी अपनी नकारात्मक मानसिकता को दिखाने से नहीं चूकते। उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि 2027 में फिर कमल खिलेगा।


गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। विपक्षी दल के नेता इस मुद्दे पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि वे धर्मनिष्ठता और सत्यनिष्ठता के साथ संकल्प लेते हैं कि नई सरकार बनाकर 'अयोध्या' को एक अनुपम धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहाँ श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता का अनुभव कर सकें।