कॉकरोच जनता पार्टी: डिजिटल दुनिया में नया हंगामा
चंडीगढ़ में कॉकरोच जनता पार्टी का उभार
चंडीगढ़, 22 मई: भारतीय राजनीति में प्रमुख दल अक्सर केंद्रीय एजेंसियों के छापों से चिंतित रहते हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर एक नई पार्टी ने 'डिजिटल पेस्ट कंट्रोल' का सामना किया है। पिछले हफ्ते रातों-रात चर्चा में आई 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का आधिकारिक एक्स हैंडल भारत में ब्लॉक कर दिया गया। हालांकि, इन 'कीड़ों' को खत्म करना इतना आसान नहीं था। सरकार की कार्रवाई के कुछ ही मिनटों बाद, इसके संस्थापक अभिजीत दीपके ने 'कॉकरोच मरता नहीं है' के नारे के साथ 'कॉकरोच इज बैक' नाम से नया मोर्चा खोला। भारत में भले ही इस पर रोक लग गई हो, लेकिन भारतीय जनता वीपीएन का उपयोग कर पुरानी यादों को ताजा कर रही है।
अभिजीत दीपके का बयान: सरकार का कदम उल्टा पड़ा
पार्टी के नेता अभिजीत दीपके, जो पहले आम आदमी पार्टी के रणनीतिकार रह चुके हैं, इस कार्रवाई से बिल्कुल भी चकित नहीं हैं। उन्होंने हंसते हुए कहा कि उनके अकाउंट को हैक करने की कोशिशें पहले से हो रही थीं, इसलिए यह डिजिटल टकराव तय था। दीपके का कहना है कि सरकार द्वारा इस्तेमाल किया गया 'हिट स्प्रे' अब उल्टा पड़ गया है, क्योंकि जनता अब और अधिक मजे ले रही है। सीजेपी की कानूनी टीम इस डिजिटल बैन के खिलाफ अदालत में जाने की योजना बना रही है। मजेदार बात यह है कि नए हैंडल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की पुरानी मांग को फिर से पिन कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और इंटरनेट पर हलचल
इस राजनीतिक नाटक की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं है। 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने एक वकील पर भड़कते हुए 'परजीवी' और 'कॉकरोच' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। हालांकि, बाद में कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा फर्जी डिग्री वाले वकीलों को चेतावनी देना था। लेकिन सोशल मीडिया के युवा इसे एक बहाने के रूप में ले गए। इस टिप्पणी के अगले दिन, 16 मई को 'कॉकरोच जनता पार्टी' का जन्म हुआ, जिसने दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी।
सोशल मीडिया पर बीजेपी और कांग्रेस को पीछे छोड़ा
कॉकरोच जनता पार्टी ने इंस्टाग्राम पर जो धूम मचाई है, उसे देखकर बड़े-बड़े आईटी सेल वाले हैरान हैं। बृहस्पतिवार शाम तक इस पैरोडी पेज के 1.56 करोड़ फॉलोअर्स हो चुके थे। पार्टी ने अपनी इस ताकत का जश्न एक अनोखे अंदाज में मनाया, जिसमें दिखाया गया कि सत्ताधारी बीजेपी के इंस्टाग्राम पर केवल 88 लाख और मुख्य विपक्षी कांग्रेस के पास 1.33 करोड़ फॉलोअर्स हैं। इस पोस्ट में एक कॉकरोच को बीजेपी के चुनाव चिह्न 'कमल' के फूल को चबाते हुए दिखाया गया था, जिसके नीचे लिखा था 'आपको लगा कि आप हमसे छुटकारा पा लेंगे? हाहा!'
कॉकरोच जनता पार्टी: नया डिजिटल तमाशा
अभिजीत दीपके ने आशंका जताई है कि एक्स के बाद अब उनके करोड़पति इंस्टाग्राम पेज को भी निशाना बनाया जा सकता है। सरकार के इस डिजिटल हंटर के खिलाफ विपक्ष के कई दिग्गज भी कॉकरोच के समर्थन में आ गए हैं। तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद, मशहूर वकील प्रशांत भूषण और एक्टिविस्ट अंजलि भारद्वाज ने इस अनोखे आंदोलन में रुचि दिखाई है। इंटरनेट पर अब 'द कॉकरोच यूथ' और 'कॉकरोच न्यूज' जैसे दर्जनों पैरोडी अकाउंट्स की बाढ़ आ गई है। ऐसा लगता है कि सरकार ने जिस कीड़े को दबाने की कोशिश की, उसने पूरे सोशल मीडिया को अपने रंग में रंग लिया है।