कोलकाता में योग दिवस पर भारत ने दिखाई समुद्री शक्ति
योग दिवस पर भारत की शक्ति का प्रदर्शन
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कोलकाता में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में योगाभ्यास का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इस दौरान, पूरी दुनिया ने भारत की सांस्कृतिक और शांति की ताकत को देखा। लेकिन इस उत्सव के पीछे, बंगाल की खाड़ी में एक महत्वपूर्ण गतिविधि चल रही थी, जिसके बारे में वैश्विक समुदाय को जानकारी नहीं थी। यह कहा जाता है कि असली शांति वही कर सकता है जिसके पास शक्ति हो, और योग दिवस पर भारत ने यह सिद्ध कर दिया। जब कोलकाता में योग का कार्यक्रम चल रहा था, उसी समय भारत ने बंगाल की खाड़ी में एक ऐसा कदम उठाया, जिसकी गूंज इस्लामाबाद और बीजिंग तक सुनाई दी।
भारत की नौसेना का नया कदम
जब तीन नए युद्धपोत बंगाल की खाड़ी में उतरे, तो यह स्पष्ट हो गया कि भारत शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा और सामरिक हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी में रणनीतिक प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है, जहां चीन अपनी नौसैनिक उपस्थिति को बढ़ा रहा है और पाकिस्तान भी चीनी सहयोग से अपनी समुद्री ताकत को मजबूत कर रहा है। इस संदर्भ में, भारत ने एक स्पष्ट संदेश दिया है कि उसकी स्थिति किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होगी। प्रधानमंत्री मोदी और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में, तीन नए स्वदेशी युद्धपोत भारतीय नौसेना में शामिल किए गए: आईएएस दूनागिरी, आईएएस अग्रे, और आईएएस संशोधक।
युद्धपोतों की विशेषताएँ
आईएएस दूनागिरी एक स्टिल्थ फ्रिगेट है, जिसे दुश्मन के रडार पर पकड़ना कठिन है। इसकी मारक क्षमता इसे और भी खतरनाक बनाती है। आधुनिक हथियार प्रणाली और ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक क्षमताओं के साथ, यह दुश्मन के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। वहीं, आईएएस संशोधक समुद्र की गहराइयों में जानकारी जुटाने वाला जहाज है, जो भारतीय नौसेना की आंख और कान के रूप में कार्य करता है। आईएएस अग्रे, एक एंटी सबमरीन वॉरफेयरशिप है, जो दुश्मन की पनडुब्बियों को खोजने और खत्म करने की क्षमता रखता है।
भारतीय नौसेना की ताकत
भारतीय नौसेना के पास वर्तमान में 140 से अधिक सक्रिय युद्धपोत हैं, जो हिंद महासागर से लेकर बंगाल की खाड़ी तक सुरक्षा और निगरानी में तैनात रहते हैं। यह स्पष्ट है कि भारत योग भी करता है और आवश्यकता पड़ने पर समुद्र में शक्ति प्रदर्शन भी कर सकता है। शांति उसका संदेश है, लेकिन सुरक्षा उसकी नीति है।