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कोलकाता हाई कोर्ट ने ममता बनर्जी की याचिका पर सुरक्षित रखे सबूत

कोलकाता हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर भवानीपुर विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सबूतों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। ममता ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं और अदालत ने ईवीएम, वीवीपैट और सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करने का निर्देश दिया। जस्टिस गौरांग कंठ ने सभी संबंधित पक्षों को शामिल करने का भी आदेश दिया है। ममता ने चुनाव परिणाम को चुनौती देते हुए कहा कि उनके चुनाव एजेंटों के साथ मारपीट की गई। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

कोलकाता हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश

कोलकाता में, पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में मतदान और मतगणना से संबंधित सभी महत्वपूर्ण सबूतों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। ममता ने मतदान और मतगणना में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। अदालत ने कहा कि ईवीएम, वीवीपैट और सीसीटीवी फुटेज जैसे सभी संबंधित रिकॉर्ड को संरक्षित किया जाए।


जस्टिस गौरांग कंठ ने शेखावाटी मेमोरियल स्कूल में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी सुरक्षित रखने का आदेश दिया। कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि यदि आवश्यक हुआ, तो इन सबूतों की जांच की जाएगी। अदालत की अनुमति के बिना इन सबूतों को न तो मिटाया जाएगा, न बदला जाएगा, न नष्ट किया जाएगा और न ही इनसे छेड़छाड़ की जाएगी।


इसके अलावा, हाई कोर्ट ने इस मामले में सभी संबंधित पक्षों को शामिल करने का आदेश दिया है। शुभेंदु अधिकारी, उनके सलाहकार सुब्रत गुप्ता और सुनील अग्रवाल को पक्षकार बनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि भवानीपुर सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था। ममता ने 16 जून को भवानीपुर सीट के चुनावी परिणाम को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।


ममता बनर्जी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि चुनाव में धांधली की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि 12 राउंड की गिनती के बाद उनके चुनाव एजेंट और उन्हें पीटा गया और बाहर कर दिया गया। यह ध्यान देने योग्य है कि ममता भवानीपुर सीट से तीन बार विधायक रह चुकी हैं। मतगणना से पहले, वे स्ट्रॉन्ग रूम तक भी गई थीं, जहां ईवीएम रखे गए थे, और वहां चार घंटे रहीं।