×

कोलकाता हाईकोर्ट ने जनगणना ड्यूटी और शिक्षा के बीच संतुलन बनाने की मांग की

कोलकाता हाईकोर्ट ने जनगणना ड्यूटी और स्कूलों में पढ़ाई के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। अदालत ने पश्चिम बंगाल सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है, यह मामला उन शिक्षकों से संबंधित है जिन्हें जनगणना के लिए नियुक्त किया गया है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल की जिम्मेदारियों के साथ जनगणना ड्यूटी निभाना उनके लिए कठिन हो रहा है। जानें इस मामले में अदालत ने क्या कहा और शिक्षकों की चिंताओं का क्या समाधान हो सकता है।
 

कोलकाता हाईकोर्ट का निर्देश

कोलकाता। जनगणना ड्यूटी और स्कूलों में पढ़ाई के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जाए? कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को इसी मुद्दे पर पश्चिम बंगाल सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि वह चाहती है कि जनगणना का कार्य सुचारू रूप से चले और छात्रों की पढ़ाई पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। यह मामला उन शिक्षकों की याचिकाओं से संबंधित है, जिन्हें जनगणना के लिए गणनाकर्ता और पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। शिक्षकों का कहना है कि स्कूल की जिम्मेदारियों के साथ जनगणना ड्यूटी निभाना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो रहा है।

अदालत की टिप्पणियाँ

याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि उन्हें अपने स्कूल पहुंचने के लिए 40 से 60 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती है। इसके अलावा, स्कूलों में शनिवार को भी काम होता है, जिससे उनका साप्ताहिक अवकाश केवल रविवार को ही होता है।