क्या कांग्रेस नेताओं ने वंदे मातरम गाने को रोकने का इशारा किया? जानिए पूरा सच
राजनीतिक माहौल में गरमी लाने वाला वीडियो
नई दिल्ली: कांग्रेस के मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर एक वीडियो ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है। इस वीडियो में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी कुछ इशारे करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें सोशल मीडिया पर 'वंदे मातरम' गाने को रोकने का संकेत माना जा रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा और अन्य विपक्षी दलों ने कांग्रेस नेताओं पर सवाल उठाए हैं। आइए, जानते हैं इस मामले की पूरी जानकारी।
वायरल वीडियो की खास बातें
इस वीडियो में कांग्रेस के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता स्वतंत्रता दिवस समारोह में उपस्थित हैं। इस दौरान 'वंदे मातरम' गाया जा रहा था। फुटेज में खड़गे और सोनिया गांधी आसपास के लोगों की ओर इशारे करते हुए नजर आते हैं, जिसके बाद राहुल गांधी भी ऐसा ही करते हैं। जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, इसके बारे में कई तरह के दावे किए जाने लगे।
शर्मनाक! देश के लिए कोई सम्मान नहीं..?
— Rohit Upadhyay (@imRohit_IND) August 15, 2026
राष्ट्रगीत वंदे मातरम् चल रहा है। सोनिया गांधी को तकलीफ हुई तो इशारे से बंद करने को कहा, फिर किसी ने उन्हें आकर समझाया की मैडम ऐसे बीच में राष्ट्रगीत बंद नहीं कर सकते। pic.twitter.com/9fPgTpJzse
इशारों के पीछे की सच्चाई
हालांकि, कांग्रेस की ओर से इन इशारों का असली अर्थ स्पष्ट नहीं किया गया है। जब कांग्रेस नेता अशोक गहलोत से इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने किसी भी विवाद से इनकार किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का आधिकारिक रुख कांग्रेस नेतृत्व या जयराम रमेश द्वारा स्पष्ट किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी का आरोप
यह मामला उस समय सामने आया है जब राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल नहीं हुए। कांग्रेस ने इस समारोह से दूरी बनाने का कारण प्रोटोकॉल से जुड़े मुद्दों को बताया है। 'वंदे मातरम' को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले भी राजनीतिक बहस होती रही है। हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर इस गीत के साथ ऐतिहासिक छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया था।
'वंदे मातरम' का महत्व
बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित 'वंदे मातरम' भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके पहले दो छंदों को राष्ट्रीय गीत के रूप में मान्यता दी गई है। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में भी 'वंदे मातरम' को विशेष स्थान दिया गया। लाल किले पर आयोजित कार्यक्रम में इसे राष्ट्रगान से पहले प्रस्तुत किया गया। संसद के मानसून सत्र के अंतिम दिन भी दोनों सदनों की कार्यवाही 'वंदे मातरम' के साथ समाप्त हुई। अब कांग्रेस मुख्यालय के इस वीडियो ने एक बार फिर इस गीत को लेकर राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। कांग्रेस की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वीडियो में दिख रहे इशारों का असली अर्थ क्या था।