क्या देवेंद्र फडणवीस बनेंगे नए शिक्षा मंत्री? दिल्ली में अहम बैठक का इंतजार
दिल्ली में सियासी हलचल
नई दिल्ली: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अचानक दिल्ली पहुंच रहे हैं। उनकी गृहमंत्री अमित शाह के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इस मुलाकात को केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल से जोड़ा जा रहा है।
फडणवीस और शाह की बैठक: संभावित बदलावों की चर्चा
प्रधान के इस्तीफे के तुरंत बाद, फडणवीस दिल्ली के लिए रवाना हुए। उनकी अमित शाह के साथ मीटिंग तय है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में कैबिनेट में संभावित बदलावों पर चर्चा हो सकती है। इस संदर्भ में शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे का नाम भी सामने आ रहा है।
कहा जा रहा है कि उन्हें केंद्र सरकार में कोई नई जिम्मेदारी दी जा सकती है। हालांकि, इस बारे में अभी तक सरकार या पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। महाराष्ट्र की राजनीति और केंद्र में गठबंधन की समीकरणों को देखते हुए इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: कारण और प्रतिक्रिया
धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे की जानकारी दी और इसके पीछे का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 40 वर्षों से वह शिक्षा सुधार से जुड़े रहे हैं और उनका मानना है कि एक मजबूत और समावेशी शिक्षा प्रणाली ही देश की प्रगति की नींव है। प्रधान ने NEET-UG 2026 के मुद्दे का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि 3 मई 2026 को हुई परीक्षा में अनियमितताओं की शिकायतें मिली थीं। सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए CBI जांच के आदेश दिए और परीक्षा को रद्द कर दोबारा कराने का निर्णय लिया। इसके साथ ही यह भी घोषणा की गई कि अगले साल से NEET पूरी तरह से CBT मोड में आयोजित की जाएगी।
प्रधान ने लिखा, "20 लाख से अधिक छात्रों की निष्पक्ष परीक्षा कराना मेरी जिम्मेदारी थी। केंद्र, राज्य, जिला प्रशासन और अभिभावकों के सहयोग से 21 जून 2026 को परीक्षा दोबारा कराई गई। 16 जुलाई को आए नतीजों में कई गरीब और वंचित छात्रों ने सफलता पाई।"
युवाओं का भविष्य: प्रधान का दृष्टिकोण
प्रधान ने अपने इस्तीफे के बारे में कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया। यह उनके व्यक्तिगत सम्मान का मामला नहीं था। उन्होंने कहा, "मैं नहीं चाहता कि छात्रों का भविष्य कानूनी विवाद या राजनीतिक टकराव में फंसे। इसी कारण मैंने पद छोड़ने का निर्णय लिया। युवाओं का भविष्य सबसे पहले है।"
अब प्रधान के इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट और कैबिनेट में संतुलन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऐसे में फडणवीस और शाह की बैठक से यह स्पष्ट होगा कि केंद्र सरकार किस दिशा में आगे बढ़ रही है। सभी की नजरें इस बात पर हैं कि क्या श्रीकांत शिंदे को मोदी कैबिनेट में स्थान मिलेगा और शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी।