क्या बढ़ते सैन्य तनाव से भारत में तेल की कीमतें होंगी प्रभावित? जानें ताजा हालात
तेल बाजार में उथल-पुथल
नई दिल्ली: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का प्रभाव वैश्विक तेल बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। लगातार हो रहे हमलों और तेल की आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हो रही है। इस स्थिति ने भारत में तेल आयात को महंगा बना दिया है, जिससे लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर इसका क्या असर पड़ेगा। वर्तमान में, तेल कंपनियों ने नए रेट जारी कर दिए हैं, जिनमें विभिन्न शहरों में मामूली अंतर देखने को मिल रहा है।
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। युद्धविराम के टूटने और होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति में रुकावट की आशंका ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इसके अलावा, ईरान द्वारा हूती समूह को लाल सागर के रास्ते तेल निर्यात पर दबाव बनाने के संकेत मिलने से बाजार में अस्थिरता और बढ़ गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 1.25 प्रतिशत बढ़कर 85.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड भी लगभग 1.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 79.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। पिछले सप्ताह में दोनों प्रमुख बेंचमार्क में लगभग 12 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
भारत में तेल आयात की लागत में वृद्धि
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी का असर भारत पर भी पड़ने लगा है। पिछले कुछ दिनों में भारत के लिए कच्चे तेल की खरीद लगभग 13 प्रतिशत महंगी हो गई है। हालांकि, सरकारी और निजी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है। 17 जुलाई के लिए जारी नए रेट के अनुसार देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले की तरह बनी हुई हैं। विभिन्न राज्यों में स्थानीय टैक्स और वैट के कारण कीमतों में अंतर बना हुआ है।
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम
पेट्रोल के दाम
दिल्ली: 102.12 रुपये प्रति लीटर
मुंबई: 111.21 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता: 113.51 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु: 110.93 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई: 107.77 रुपये प्रति लीटर
पटना: 113.35 रुपये प्रति लीटर
चंडीगढ़: 101.51 रुपये प्रति लीटर
हैदराबाद: 115.69 रुपये प्रति लीटर
भुवनेश्वर: 108.97 रुपये प्रति लीटर
डीजल के दाम
दिल्ली: 95.20 रुपये प्रति लीटर
मुंबई: 97.83 रुपये प्रति लीटर
कोलकाता: 99.82 रुपये प्रति लीटर
बेंगलुरु: 98.80 रुपये प्रति लीटर
चेन्नई: 99.55 रुपये प्रति लीटर
पटना: 99.36 रुपये प्रति लीटर
चंडीगढ़: 89.47 रुपये प्रति लीटर
हैदराबाद: 103.82 रुपये प्रति लीटर
भुवनेश्वर: 100.68 रुपये प्रति लीटर
तेल आपूर्ति पर चिंताएँ
मध्य पूर्व में चल रही सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर नई चिंताएँ पैदा कर दी हैं। अमेरिका ने ईरान के विभिन्न इलाकों में कई दिनों तक हवाई हमले किए हैं, जिनका उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। दूसरी ओर, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मिसाइल और ड्रोन के जरिए क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। रिपोर्टों के अनुसार, जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी एयरबेस भी हमलों की जद में आया है।
लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर के रास्ते तेल आपूर्ति में रुकावट आती है, तो इसका प्रभाव पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार पर पड़ेगा। कहा जा रहा है कि ईरान ने अपने सहयोगी हूती समूह को संकेत दिए हैं कि यदि उसके ऊर्जा ढांचे पर हमले जारी रहते हैं, तो लाल सागर के तेल मार्ग पर दबाव बढ़ाया जा सकता है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यदि WTI क्रूड की कीमत मौजूदा स्तर से नीचे नहीं जाती और 70 डॉलर के ऊपर बनी रहती है, तो आने वाले समय में यह 80 से 85 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। ऐसे में भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों पर भी इसका आर्थिक असर देखने को मिल सकता है।