क्या भारत में फिर से लगेगा लॉकडाउन? हरदीप पुरी ने अफवाहों का किया खंडन
नई दिल्ली में ऊर्जा संकट का असर
नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट को जन्म दिया है। होर्मुज की खाड़ी में तेल और गैस के जहाजों की आवाजाही रुकने से भारत में भी इसका प्रभाव देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गई हैं और एलपीजी सिलेंडर की कमी की चिंता बढ़ गई है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर यह अफवाहें फैलने लगी हैं कि सरकार देशभर में लॉकडाउन लगाने की योजना बना रही है, जैसा कि कोरोना महामारी के दौरान हुआ था। इससे लोगों में भय और चिंता का माहौल बन गया है।
हरदीप पुरी ने अफवाहों का खंडन किया
केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया है कि सरकार के पास लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि ये खबरें पूरी तरह से गलत और भ्रामक हैं। पुरी ने संसद और सोशल मीडिया पर यह स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और अन्य ईंधनों की आपूर्ति पर्याप्त है।
मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे घबराएं नहीं और जरूरत से ज्यादा पेट्रोल या गैस स्टॉक करने की कोशिश न करें, क्योंकि इससे समस्या और बढ़ सकती है। उन्होंने जोर देकर कहा, “लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। सरकार इस पर विचार नहीं कर रही है।”
स्थिति नियंत्रण में, सरकार सक्रिय
हरदीप पुरी ने संसद में बताया कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित है। सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती करके महंगाई का बोझ कम करने का प्रयास किया है। घरेलू एलपीजी और आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।
वैकल्पिक रास्तों से आयात बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है ताकि सप्लाई बनी रहे। सरकार का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। पेट्रोलियम कंपनियां भी लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं और आवश्यक कदम उठा रही हैं।
किरण रिजिजू का बयान
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी मीडिया से बात करते हुए लॉकडाउन की खबरों को भ्रामक बताया। उन्होंने कहा कि लोगों को ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है और ऊर्जा आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।