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क्या ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में और भी बगावतें होंगी? कोयल मल्लिक का इस्तीफा एक नया झटका

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में बगावत का सिलसिला जारी है। हाल ही में, राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने इस्तीफा देकर ममता को चौथा बड़ा झटका दिया है। इससे पहले, तीन अन्य सांसद भी पार्टी छोड़ चुके हैं। ममता की मुश्किलें विधानसभा चुनाव में हार के बाद से बढ़ती जा रही हैं। जानें कोयल मल्लिक के बारे में और उनकी राजनीति में एंट्री की कहानी।
 

टीएमसी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं


पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस समय चिंतित होंगी कि आगे क्या कदम उठाएं। उनकी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), लगातार संकट में है। हाल ही में, राज्यसभा सांसद कोयल मल्लिक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिससे ममता को चौथा बड़ा झटका लगा है। इससे पहले, टीएमसी के तीन अन्य सांसदों - सुखेंदु शेखर रे, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक - भी पार्टी छोड़ चुके हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि कोयल ने पार्टी से भी इस्तीफा दिया है या नहीं। विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ममता को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पहले, तीन दर्जन से अधिक विधायकों ने बगावत की, जिससे ममता की स्थिति कमजोर हुई। इसके बाद, कई लोकसभा सांसदों ने भी पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। अब, राज्यसभा सांसदों ने भी ममता की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।


कोयल मल्लिक: एक नई नेता

ममता बनर्जी ने समाजवादी पार्टी की परंपरा के अनुसार, सितारों को राजनीति में लाने का प्रयास किया। इसी दिशा में, उन्होंने बंगाली अभिनेत्री कोयल मल्लिक को इस साल अप्रैल में राज्यसभा भेजा। शपथ लेने के बाद, कोयल ने मीडिया से बात करते हुए देश सेवा की महत्वता पर जोर दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने यह निर्णय सोच-समझकर लिया है। यह एक बड़ी जिम्मेदारी है। देश और लोगों की सेवा सबसे महत्वपूर्ण है।'


कोयल मल्लिक का परिचय

कोयल मल्लिक, जिनका असली नाम रुक्मिणी मल्लिक है, बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की एक प्रसिद्ध अभिनेत्री हैं। वे दिग्गज अभिनेता रंजीत मल्लिक की बेटी हैं और बचपन से ही फिल्मों में करियर बनाने की ख्वाहिश रखती थीं। उन्होंने 2003 में 'नाटेर गुरु' फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की और धीरे-धीरे बंगाली सिनेमा में अपनी पहचान बनाई। ममता बनर्जी ने उन्हें राज्यसभा भेजने के लिए प्रेरित किया और अप्रैल 2026 में उन्हें सांसद बनाया। हालांकि, 4 मई के बाद से स्थिति बदल गई, जब कई लोकसभा सांसदों ने बगावत की। अब कोयल ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जो उन्होंने कोलकाता से ईमेल के माध्यम से संसद को भेजा।