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क्या ममता बनर्जी की पार्टी में बगावत का तूफान आ रहा है? जानें कल्याण बनर्जी की नाराजगी का कारण

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में बगावत के संकेत मिल रहे हैं। विधायक और सांसद लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं, और कल्याण बनर्जी ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने ममता से स्पष्ट किया है कि उन्हें अभिषेक बनर्जी के साथ रहना है या उनके साथ। इस बीच, टीएमसी के कई सांसदों ने इस्तीफा दिया है, जिससे पार्टी की स्थिति कमजोर हो रही है। जानें इस राजनीतिक संकट के पीछे के कारण और आगे की संभावनाएँ।
 

ममता बनर्जी की चुनौतियाँ बढ़ती जा रही हैं


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। उनके विधायक और सांसद लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं। हाल ही में, उनके करीबी सहयोगी कल्याण बनर्जी ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि ममता को यह तय करना होगा कि वे उनके साथ हैं या अभिषेक बनर्जी के साथ। उनका आरोप है कि अभिषेक सीनियर नेताओं का सम्मान नहीं करते और अहंकारी हैं, जिससे पार्टी को नुकसान हो रहा है। कल्याण ने कहा, "अगर ममता दीदी को अभिषेक पर निर्भर रहना है, तो वे उनके साथ रहें और मुझे छोड़ दें।"


कल्याण बनर्जी की नाराजगी के पीछे का कारण

कल्याण बनर्जी की नाराजगी का मुख्य कारण टीएमसी का फर्जी साइन मामला है। उन्होंने बताया कि उन्हें आधी रात को सूचित किया गया कि इस मामले से जुड़े वकील बदल दिए गए हैं, जिसमें वे भी शामिल थे। इसे उन्होंने अपमानजनक बताया। इस बीच, टीएमसी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बड़ाईक ने भी इस्तीफा दे दिया है। पिछले चार दिनों में, 13 में से तीन राज्यसभा सांसद ममता को छोड़ चुके हैं। 10 जून को सुष्मिता देव ने इस्तीफा दिया था, और 8 जून को सुखेंदु शेखर ने पार्टी छोड़ दी थी।


भविष्य के बारे में अनिश्चितता

प्रकाश चिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पश्चिम बंगाल में लोगों का जनादेश भाजपा के पक्ष में था, और उनकी पार्टी ने वहां सरकार बनाई। उन्होंने कहा कि उनके चुनाव क्षेत्र में कोई सीट नहीं जीत पाई, इसलिए उन्होंने अपने पद और पार्टी से इस्तीफा देने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा, "भविष्य में मैं क्या करूंगा, यह समय ही बताएगा।" कल्याण बनर्जी के बेटे शिरसान्य ने भी कहा कि अभिषेक किसी पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।


टीएमसी सांसदों के बागी गुट पर सस्पेंस

टीएमसी के बागी सांसदों के नाम अभी तक सामने नहीं आए हैं। काकोली घोष ने 8 जून को दावा किया था कि 20 सांसदों ने एनडीए को समर्थन देने का निर्णय लिया है। इसके बाद, उन्होंने कुछ बागी सांसदों के साथ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। 10 जून को एक लिस्ट में 19 सांसदों के नाम शामिल थे, लेकिन शत्रुध्न सिन्हा ने 11 जून को कहा कि वे ममता के साथ हैं।


अभिषेक बनर्जी को मिली राहत

कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को फर्जी हस्ताक्षर मामले में अंतरिम राहत प्रदान की है। कोर्ट ने उनके खिलाफ किसी भी सख्त कार्रवाई पर तीन हफ्तों तक रोक लगा दी है। हालांकि, जस्टिस कौशिक चंदा की बेंच ने अभिषेक को आज शाम 6 बजे तक कोलकाता स्थित CID मुख्यालय में पेश होने का निर्देश दिया है। ममता और अभिषेक दोनों ने हाल ही में दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठकें की हैं।