क्या राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर उठ रहे हैं सवाल? विपक्षी गठबंधन में बढ़ी दरारें
दिल्ली में पोस्टरों के जरिए कांग्रेस पर हमला
दिल्ली: एनसीपी के प्रमुख शरद पवार ने राहुल गांधी की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल उठाए हैं। सोमवार को होने वाली विपक्षी इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक से पहले, दिल्ली की सड़कों पर कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ बड़े पैमाने पर पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में गठबंधन के अन्य नेताओं जैसे उदयनिधि स्टालिन, शरद पवार, पी. विजयन, ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल के बयानों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस को धोखेबाज और अविश्वसनीय बताया गया है।
सोमवार को होने वाली इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले अशोका रोड गोलचक्कर, रेल भवन गोलचक्कर और ली मेरिडियन गोलचक्कर जैसे प्रमुख स्थानों पर ये पोस्टर देखे गए। इन पोस्टरों में कांग्रेस पर गठबंधन के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया गया है।
राहुल गांधी पर चारों ओर से हमले
एक अन्य स्थान पर, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और सीपीआई(एम) नेता पी. विजयन के पोस्टर पर लिखा गया है कि 'राहुल गांधी एक राष्ट्रीय नेता हैं, लेकिन उनमें इतनी समझ भी नहीं है जितनी एक साधारण कांग्रेस कार्यकर्ता में होती है।' एक पोस्टर में डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन का बयान है, '20 साल से अधिक समय तक कांग्रेस हमारी पीठ पर बैठकर आगे बढ़ी, और आज उन्होंने हमारी ही पीठ में छुरा घोंप दिया।'
ममता बनर्जी के बयान भी शामिल
हालांकि ममता बनर्जी आज की बैठक में शामिल हो रही हैं, लेकिन उनके कांग्रेस के खिलाफ दिए गए बयानों को पोस्टरों के माध्यम से उजागर किया गया है। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी का बयान इन पोस्टरों में प्रमुखता से छपा है, 'कांग्रेस अपनी विश्वसनीयता खो रही है। हम कांग्रेस पर निर्भर नहीं रह सकते।' एक अन्य पोस्टर में ममता का यह बयान है, 'अगर कांग्रेस गठबंधन (इंडिया ब्लॉक) नहीं चला सकती, तो मैं इसे चला सकती हूं।'
इन सभी पोस्टरों के नीचे एक ही स्लोगन लिखा गया है कि 'इंडी अलायन्स वाले जो आपस में लड़ रहे हैं, वो साथ क्या लड़ेंगे!' यह स्पष्ट नहीं है कि ये पोस्टर किसने लगाए हैं, लेकिन इनसे 'इंडिया' ब्लॉक में शामिल दलों की एकजुटता पर सवाल उठाया गया है।
कांग्रेस नेता की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने जब इन पोस्टरों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'मैंने अभी इन पोस्टरों को नहीं देखा है। इसलिए मैं कोई टिप्पणी नहीं कर सकता।' पवन खेड़ा का यह बयान अजीब है, क्योंकि पूरी दिल्ली में पोस्टर लगाए गए हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।