×

क्या शादी के लिए डोप टेस्ट अनिवार्य होगा? AAP सांसद की मांग पर चर्चा

आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने शादी के समय लड़कों के लिए डोप टेस्ट अनिवार्य करने की मांग की है। उन्होंने लोकसभा में कहा कि बढ़ते तलाक और घरेलू हिंसा के मामलों को देखते हुए यह कदम आवश्यक है। कंग ने सरकार से अनुरोध किया कि दूल्हे को मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और डोप टेस्ट का प्रमाण पत्र पेश करना चाहिए। इसके अलावा, अन्य सांसदों ने भी विभिन्न मुद्दों पर अपनी मांगें रखीं। जानें पूरी खबर में और क्या कहा गया।
 

नई दिल्ली में सांसद की महत्वपूर्ण मांग


नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने केंद्र सरकार से एक महत्वपूर्ण कानून बनाने की अपील की है। उन्होंने शादी के समय लड़कों के लिए डोप टेस्ट को अनिवार्य करने की मांग की। शुक्रवार को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कंग ने कहा कि बढ़ते तलाक और घरेलू हिंसा के मामलों को देखते हुए यह कदम आवश्यक है। उन्होंने बताया कि शादी के समय लड़कियों की गहन जांच होती है, जबकि लड़कों की जांच उतनी सख्ती से नहीं की जाती, जिससे बाद में गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं।


डोप टेस्ट की अनिवार्यता पर जोर

कंग ने कहा, "हमारे समाज में तलाक और घरेलू हिंसा के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जब नए रिश्ते की शुरुआत होती है, तो लड़कियों के बारे में बहुत जांच की जाती है, लेकिन लड़कों के लिए यह प्रक्रिया उतनी सख्त नहीं होती।" उन्होंने सरकार से अनुरोध किया कि एक कानून बनाया जाए, जिसमें शादी के समय डोप टेस्ट और चिकित्सा जांच अनिवार्य हो। कंग ने यह भी कहा कि दूल्हे को मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और डोप टेस्ट का प्रमाण पत्र लड़की के परिवार के सामने पेश करना चाहिए, तभी शादी की अनुमति दी जानी चाहिए।


उन्होंने कहा कि शादी के बाद कई बार यह सामने आता है कि लड़का गंभीर बीमारियों से ग्रस्त है या उसकी आपराधिक प्रवृत्तियाँ हैं, जो महिलाओं के जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं।


ऑनलाइन व्यापार पर नियंत्रण की आवश्यकता

कांग्रेस के सांसद उज्जवल रमण सिंह ने सरकार से ऑनलाइन व्यापार पर अंकुश लगाने और छोटे तथा मझौले व्यापारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की। उन्होंने शून्यकाल में इस विषय पर नियम बनाने की अपील की, ताकि छोटे दुकानदारों और मझौले व्यापारियों के व्यवसाय को सुरक्षित किया जा सके।


किसानों की समस्याओं पर ध्यान

समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेन्द्र सिंह ने किसानों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने के कारण बढ़ते बिलों और प्रीपेड मीटर से उत्पन्न कठिनाइयों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान की मांग की।


अन्य सांसदों की प्रमुख मांगें

भाजपा के सांसद निशिकांत दुबे ने मुस्लिमों और ईसाइयों से विवाह करने वाली आदिवासी युवतियों का अनुसूचित जनजाति का दर्जा समाप्त करने की मांग की। भाजपा के चन्दूभाई छगनभाई शिहोरा ने गुजरात के सुरेन्द्र नगर के नमक किसानों को बारिश से हुए नुकसान की भरपाई और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत सहायता की मांग की। सपा के आनंद भदौरिया ने उत्तर प्रदेश में शहीदों और संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने के मामले में दोषियों को सजा देने की मांग की। कांग्रेस के डॉ. प्रशांत यादवराव पडोले ने 2027 की जनगणना के लिए निर्धारित प्रारूप में अन्य पिछड़ा वर्ग को शामिल करने की मांग की।