क्या है 5 किलो के नए LPG सिलिंडर का महत्व? जानें सरकार की योजना
एलपीजी गैस की कमी का संकट
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण देश में एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। बड़े शहरों में गैस सिलिंडर की कमी बढ़ गई है, जिसके चलते कई लोग महंगे दामों पर गैस खरीदने या अवैध रिफिलिंग का सहारा लेने को मजबूर हैं। इस समस्या का सबसे अधिक सामना प्रवासी मजदूरों और छात्रों को करना पड़ रहा है।
सरकार की नई पहल
केंद्र सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पेट्रोलियम मंत्रालय 5 किलो के छोटे एलपीजी सिलिंडर लाने की योजना बना रहा है, जो विशेष रूप से उन लोगों के लिए होगा जिनके पास नियमित गैस कनेक्शन नहीं है।
जल्द ही इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी होने की उम्मीद है। इसके अलावा, सरकार ने राज्यों को अतिरिक्त कमर्शियल एलपीजी आवंटन बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है, जिसमें प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलिंडर को प्राथमिकता दी जाएगी।
कौन ले सकेगा छोटा सिलिंडर?
- दूसरे शहरों में काम करने वाले प्रवासी मजदूर
- हॉस्टल या किराए के कमरे में रहने वाले छात्र
- जिनके पास घरेलू गैस कनेक्शन नहीं है
यह सिलिंडर बिना किसी नियमित कनेक्शन के भी उपलब्ध होगा। इसे केवल आधार कार्ड दिखाकर खरीदा जा सकेगा और गैस एजेंसियों के माध्यम से इसकी आपूर्ति की जाएगी।
5 किलो सिलिंडर की कीमत
सरकार ने 5 किलो के सिलिंडर की कीमत लगभग 100 रुपये प्रति किलो निर्धारित करने की योजना बनाई है, जबकि खुले बाजार में इसकी कीमत 200-250 रुपये प्रति किलो तक हो सकती है। यह आम लोगों के लिए एक सस्ता और सुविधाजनक विकल्प साबित होगा। ये सिलिंडर सीधे एलपीजी कंपनियों से रिफिल किए जाएंगे और उनकी टंकी को मजबूत और सुरक्षित बताया गया है।
जमाखोरी और धांधली पर नियंत्रण के लिए नए नियमों में आधार KYC अनिवार्य हो सकता है। हर छोटे सिलिंडर पर QR कोड या यूनिक ट्रैकिंग आईडी लगाई जा सकती है, जिससे अवैध खरीद-फरोख्त और जमाखोरी पर रोक लगेगी। गली-मोहल्लों में हो रही अवैध रिफिलिंग पर भी सख्ती बढ़ाई जाएगी।
स्ट्रीट फूड वालों के लिए क्या?
स्ट्रीट फूड स्टॉल पर छोटे सिलिंडर का उपयोग सामान्य है, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए अभी स्पष्ट नियमों की आवश्यकता है। सरकार जल्द ही इस मामले में भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर सकती है। यह निर्णय लाखों लोगों को सस्ता और वैध ईंधन उपलब्ध कराएगा, जिससे संकट के समय कालाबाजारी पर नियंत्रण लगेगा और रोजमर्रा की रसोई को आसान बनाया जा सकेगा।