खरगे का बयान: सरकार गांधी, नेहरू और अंबेडकर के सपनों को तोड़ रही है
कांग्रेस अध्यक्ष का बयान
नई दिल्ली। कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने 'रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन' में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में सभी राज्यों और क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। कांग्रेस का उद्देश्य पूरे देश को एकजुट करना है, लेकिन कुछ लोग जनता में विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं और वे अब बहुत धनवान बन गए हैं। वर्तमान सरकार महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और बाबा साहेब अंबेडकर के सपनों को नष्ट करने में लगी हुई है।
खरगे ने आगे कहा कि RSS का दावा है कि वे समाज सेवा में लगे हैं, लेकिन यह नहीं बताते कि वे राम मंदिर में जाकर मेवा भी खाते हैं। RSS के समर्थन से BJP सत्ता में आई, लेकिन सत्ता में आने के बाद कुछ लोग कहने लगे कि उन्हें RSS की आवश्यकता नहीं है, केवल मोदी की जरूरत है। JP नड्डा ने BJP अध्यक्ष रहते हुए यह बात कही थी। वहीं, RSS का कहना है कि उनकी वजह से ही BJP है, इसलिए उन्हें जो कहा जाए, वही करना चाहिए। यह दोनों पक्ष मिलकर लोगों को धर्म के नाम पर बांटने का काम कर रहे हैं।
खरगे ने यह भी व्यक्त किया कि उन्हें दुख है कि आज टीवी पर पान मसाला, तेल और अन्य उत्पादों के विज्ञापन चलाए जा रहे हैं, जबकि देश के अच्छे कार्यों और स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों का प्रचार होना चाहिए। इससे देशभक्त युवा तैयार होंगे, क्योंकि केवल 'मोदी भक्त' होने से कोई लाभ नहीं है।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी कभी भी नेहरू के बारे में बात नहीं करते, जबकि BJP के कुछ नेता नेहरू पर टिप्पणी करते हैं, जो तब पैदा भी नहीं हुए थे। उन्हें अपने माता-पिता से नेहरू के बारे में पूछना चाहिए। कांग्रेस ने देश में सार्वजनिक क्षेत्र की स्थापना की, स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय बनाए, जहां से लोग इंजीनियर, अर्थशास्त्री और डॉक्टर बने। RSS के लोग हमेशा देश को गुलामी में रखना चाहते थे, इसलिए लोगों को यह जानना चाहिए कि किसने देश बनाया और कौन इसे बर्बाद कर रहा है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि 23 अप्रैल 1958 को दिल्ली में दो बच्चों की मौत हो गई थी, जिस पर अटल बिहारी वाजपेयी ने संसद में स्थगन प्रस्ताव पेश किया था। उस समय की कांग्रेस सरकार ने इस पर चर्चा की थी। लेकिन आज हजारों बच्चे मर रहे हैं, गोलियां खा रहे हैं, और मोदी सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। यही कांग्रेस और BJP के बीच का अंतर है।
प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह 20 दिन तक सदन में नहीं आए और बाहर बयान दे रहे थे कि वे चर्चा के लिए तैयार हैं। अमित शाह कहते हैं कि वे रोज संसद आते हैं और अपने चेंबर में बैठते हैं। सवाल यह है कि क्या आपको चेंबर में बैठने के लिए गृह मंत्री बनाया गया है?