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गुजरात हाई कोर्ट ने केजरीवाल की याचिका खारिज की, मोदी की डिग्री सार्वजनिक नहीं होगी

गुजरात हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को सार्वजनिक करने की मांग पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी बरकरार रहा। कोर्ट ने केजरीवाल के खिलाफ यह निर्णय लिया है कि उन्होंने विश्वविद्यालय की छवि को नुकसान पहुँचाया है। इस फैसले के बाद, मोदी की डिग्री को फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कोर्ट के निर्णय के पीछे के तर्क।
 

गुजरात हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला


अहमदाबाद में, गुजरात हाई कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल की याचिका को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को सार्वजनिक करने की उनकी बार-बार की मांग के कारण उन पर लगाए गए 25 हजार रुपए के जुर्माने को भी बरकरार रखा गया है। इस निर्णय के बाद, फिलहाल प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी माना कि केजरीवाल ने विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने का कार्य किया है।


अरविंद केजरीवाल ने 2016 में केंद्रीय सूचना आयोग को पत्र लिखकर पीएम मोदी की डिग्री को सार्वजनिक करने की मांग की थी। अप्रैल 2016 में, सीआईसी ने दिल्ली और गुजरात विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया था कि वे पीएम मोदी की डिग्री से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराएं। हालांकि, इस आदेश के खिलाफ विश्वविद्यालय ने गुजरात हाई कोर्ट में अपील की थी, जिसके परिणामस्वरूप हाई कोर्ट ने सीआईसी के आदेश को रद्द कर दिया।


इस निर्णय के खिलाफ केजरीवाल ने हाई कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की थी। लेकिन, हाई कोर्ट की एकल पीठ ने 31 मार्च, 2023 को अपना निर्णय बनाए रखते हुए उन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। इसके बाद, केजरीवाल ने हाई कोर्ट की डबल बेंच में याचिका दायर की, जिसका निर्णय मंगलवार, 29 सितंबर को आया। केजरीवाल की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने दलील प्रस्तुत की, जबकि विश्वविद्यालय की ओर से भारत सरकार के सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने प्रतिनिधित्व किया।