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ग्रेटर नोएडा में योग दिवस पर तनावमुक्त जीवन के लिए योग का संकल्प

ग्रेटर नोएडा में प्रिंस इंस्टीट्यूट ऑफ इन्नोवेटिव टेक्नोलॉजी में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में योगाचार्य सिद्ध नाथ चतुर्वेदी और विनोद मंडोलिया ने योग के महत्व पर प्रकाश डाला और उपस्थित लोगों को नियमित योगाभ्यास का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया और योग के लाभों के बारे में जानकारी साझा की। जानें इस आयोजन के बारे में और कैसे योग जीवन में सकारात्मकता लाता है।
 

योग दिवस का आयोजन

ग्रेटर नोएडा: प्रिंस इंस्टीट्यूट ऑफ इन्नोवेटिव टेक्नोलॉजी (पीआईआईटी) में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सोमवार को एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में योगाचार्य सिद्ध नाथ चतुर्वेदी और विनोद मंडोलिया ने योग के माध्यम से जीवन में उत्साह और खुशी लाने के उपाय साझा किए। उन्होंने स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन के लिए नियमित योगाभ्यास का महत्व बताया।


कार्यक्रम की शुरुआत

इस योग सत्र की शुरुआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप जलाकर की गई। पीआईआईटी कॉलेज की वरिष्ठ अधिकारी मिथलेश सिंह और जागेश सिंह ने राष्ट्र गीत 'वंदे मातरम' गाया। इस अवसर पर पीआईआईटी के चेयरमैन प्रोफेसर (डॉ.) भरत सिंह ने सभी उपस्थित लोगों को नियमित योग करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि हमें इसे केवल एक दिन तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि हर दिन कुछ समय योगाभ्यास के लिए निकालना चाहिए।


योग के लाभ

डॉ. सिंह ने कहा कि यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम भारत की प्राचीन वैज्ञानिक और आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाएं और इसे जन-जन तक पहुंचाएं। योगाचार्य सिद्ध नाथ चतुर्वेदी ने भी नियमित योग और ध्यान को स्वस्थ जीवन के लिए आवश्यक बताया। उन्होंने योग के लाभों पर चर्चा करते हुए डॉ. भरत सिंह की प्रशंसा की और योगाभ्यास कराते हुए तनाव, अनिद्रा, उच्च रक्तचाप, घुटनों के दर्द और शुगर जैसी बीमारियों से बचने के लिए योग मुद्राओं की जानकारी दी।


प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति

योग सत्र में पीआईआईटी के निदेशक आर.के. शाक्य, सहायक निदेशक (मीडिया) डॉ. जितेन्द्र बच्चन और शिक्षा एवं सामाजिक क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियां भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का समापन पीआईआईटी की वरिष्ठ अधिकारी मिथलेश सिंह और जागेश सिंह ने संयुक्त रूप से राष्ट्र गान के साथ किया।