चंद्रशेखर आजाद का मायावती पर पलटवार, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद का जवाब
लखनऊ। बसपा की नेता मायावती ने आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और भाजपा के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया है। इस पर चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि उन्होंने बहिन जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग, EVM और नगीना लोकसभा चुनाव के संदर्भ में उनके द्वारा कही गई बातें सुनीं।
चंद्रशेखर ने आगे कहा कि बहिन जी का लिखित प्रेस नोट कहीं से भी आया हो, लेकिन यह जानकर खुशी हुई कि जो लोग पहले कहते थे, “कौन चंद्रशेखर?”, अब जनता ने उन्हें पहचान लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) अब एक महत्वपूर्ण शक्ति बन चुकी है।
उन्होंने मायावती को सम्मान देते हुए कहा कि नगीना की जनता ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें 5,12,552 वोट देकर अपना प्रतिनिधि चुना। यह उनके लिए केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि जनता के विश्वास और प्रेम की जिम्मेदारी है।
चंद्रशेखर ने चुनाव प्रक्रिया और EVM की पारदर्शिता पर सवाल उठाने के अधिकार को लोकतंत्र का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि वह भी चुनाव प्रक्रिया में अधिकतम पारदर्शिता और मतपत्र से चुनाव की मांग करते रहे हैं। लेकिन, नगीना की जनता के द्वारा दिए गए जनादेश को किसी साजिश से जोड़ना उन लाखों मतदाताओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी राजनीति किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि बहुजन समाज के सम्मान, सामाजिक न्याय और संविधान की रक्षा के लिए है। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन बहुजन समाज के बीच संवाद और भाईचारा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि उनका मायावती के प्रति सम्मान हमेशा रहेगा और वे उनके आशीर्वाद की प्रतीक्षा करते हैं। अंत में, उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का नाम आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) है, न कि आजाद समाजवादी पार्टी।