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चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी हमले से बढ़ी चिंताएं, भारत की प्रतिक्रिया

चाबहार बंदरगाह, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक स्थान है, हाल ही में अमेरिकी हमलों का शिकार बना है। ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच, इस बंदरगाह पर हमले ने भारत की चिंताओं को बढ़ा दिया है। भारत ने नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य बताया है और सभी पक्षों से बातचीत की आवश्यकता पर जोर दिया है। जानें इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण और भारत की प्रतिक्रिया।
 

चाबहार बंदरगाह पर हमले की नई जानकारी

चाबहार, जो भारत के लिए एक महत्वपूर्ण और रणनीतिक बंदरगाह है, हाल ही में एक बार फिर से हमले का शिकार हुआ है। ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच, अमेरिका और इजराइल ने चाबहार के कुछ क्षेत्रों पर बमबारी की है, जिससे भारी नुकसान की खबरें आई हैं। सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में ईरान के पोर्ट्स एंड मैरीटाइम अफेयर्स अथॉरिटी ने बुधवार को बताया कि दक्षिण-पूर्वी ईरान में चाबहार पोर्ट पर रात के समय अमेरिकी प्रोजेक्टाइल द्वारा मैरीटाइम ट्रैफिक कंट्रोल सेंटर पर हमला किया गया, जिससे इसकी संरचना को नुकसान पहुंचा।


खुज़ेस्तान में हमलों की बढ़ती संख्या

यह जानकारी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें बताया गया है कि ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत में गेहूं के भंडारण वाले साइलो और अन्य स्थानों पर भी अमेरिकी प्रोजेक्टाइल से हमले हुए हैं। मंगलवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान पर हमलों को जारी रखने की बात कही और चेतावनी दी कि यदि तेहरान बातचीत की मेज़ पर वापस नहीं आया, तो अमेरिका अगले हफ्ते से ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाएगा।


भारत की चिंताएं और प्रतिक्रिया

चाबहार भारत के लिए एक रणनीतिक पोर्ट है, जो पाकिस्तान को बाईपास करते हुए ईरान और उससे आगे के क्षेत्रों तक पहुंच प्रदान करता है। अमेरिका द्वारा चाबहार पर हमले और पहले से लगाए गए प्रतिबंधों ने कई चिंताएं उत्पन्न की हैं। भारत ने बार-बार कहा है कि नागरिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाना अस्वीकार्य है और सभी पक्षों के लिए शांति बनाए रखने के लिए बातचीत आवश्यक है।