चारधाम यात्रा 2026: उत्तराखंड में तैयारियों का आगाज
चारधाम यात्रा का शुभारंभ
केदारनाथ, 09 अप्रैल। उत्तराखंड की पवित्र भूमि पर चारधाम यात्रा 2026 की शुरुआत होने जा रही है। इस यात्रा का औपचारिक आरंभ 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा। इसके तीन दिन बाद, 22 अप्रैल को बाबा केदारनाथ के दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, और 23 अप्रैल को भगवान बद्री विशाल के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। ऋषिकेश और हरिद्वार के ट्रांजिट कैंपों में पहले से ही भारी भीड़ की संभावना है, जिसके मद्देनजर स्थानीय प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है।
बर्फबारी से यात्रा में चुनौतियाँ
यात्रा की शुरुआत से पहले, हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने अचानक बदलाव किया है। केदारनाथ और यमुनोत्री धाम में हाल ही में हुई बर्फबारी ने तापमान को शून्य से नीचे गिरा दिया है। इस अप्रत्याशित बर्फबारी ने न केवल यात्रा की तैयारियों में लगे श्रमिकों के लिए चुनौतियाँ बढ़ा दी हैं, बल्कि यात्रियों के लिए भी सुरक्षा के कड़े इंतजामों की आवश्यकता महसूस कराई है। मौसम विभाग ने बताया है कि अप्रैल के अंत तक ऊपरी क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया की शुरुआत
उत्तराखंड सरकार ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए रजिस्ट्रेशन को अनिवार्य कर दिया है। 6 मार्च 2026 से आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की तारीखों के अनुसार पहले से स्लॉट बुक कर लें। बिना क्यूआर कोड या वैध पंजीकरण पर्ची के यात्रियों को सोनप्रयाग और जोशीमठ जैसे एंट्री पॉइंट्स से आगे जाने की अनुमति नहीं होगी।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑक्सीजन की कमी और गिरते तापमान को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ पर्याप्त ऊनी कपड़े, रेनकोट और ट्रैकिंग शूज रखें। हृदय रोग या सांस की तकलीफ वाले व्यक्तियों को डॉक्टर से फिटनेस सर्टिफिकेट लेने के बाद ही यात्रा शुरू करने की सलाह दी गई है। पहाड़ों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए प्रशासन ने लैंडस्लाइड जोन की निगरानी बढ़ा दी है।