चीन और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता
चीन के विदेश मंत्री की भारत के साथ सहयोग की पेशकश
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने और संवेदनशील मुद्दों का समाधान खोजने के लिए सहयोग करने की इच्छा व्यक्त की है। यह बयान मनीला में आसियान (ASEAN) से संबंधित बैठकों के दौरान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता में दिया गया।
वांग ने कहा कि चीन, दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने, उच्च-स्तरीय संपर्क बनाए रखने और विभिन्न क्षेत्रों जैसे अर्थव्यवस्था, व्यापार, मीडिया और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में सहयोग को बढ़ाने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर है।
उन्होंने यह भी कहा कि चीन, दोनों देशों के बीच संवेदनशील मुद्दों का उचित समाधान खोजने के लिए सहयोग करने को तैयार है। वांग ने मानवता की भलाई का ध्यान रखते हुए, चीन और भारत को बड़े देशों की जिम्मेदारियों का पालन करने और द्विपक्षीय संबंधों में सकारात्मक गति को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
मुख्य बिंदु: द्विपक्षीय सहयोग और संवाद पर जोर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान, वांग यी ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया:
शीर्ष नेताओं की सहमति का कार्यान्वयन: वांग ने कहा कि चीन, दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण सहमति को लागू करने और उच्च-स्तरीय संपर्कों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
संवेदनशील मुद्दों का समाधान: चीन ने लंबे समय से चले आ रहे संवेदनशील मुद्दों का निष्पक्ष और उचित समाधान खोजने के लिए मिलकर प्रयास करने की इच्छा व्यक्त की।
व्यापार और सांस्कृतिक आदान-प्रदान: चीन ने अर्थव्यवस्था, द्विपक्षीय व्यापार, मीडिया और दोनों देशों की जनता के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने पर जोर दिया।