चीन में उच्च सैन्य अधिकारियों पर कार्रवाई: भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
चीन में सैन्य अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
चीन में दो प्रमुख सैन्य अधिकारियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए गए हैं। सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने केंद्रीय सैन्य आयोग के उपाध्यक्ष झांग यूशिया और संयुक्त स्टाफ विभाग के पूर्व प्रमुख लियू झेनली को पार्टी और सेना से निष्कासित कर दिया है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, इन दोनों पर आर्थिक गड़बड़ी, भ्रष्टाचार और अनुशासन के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।
झांग यूशिया और लियू झेनली की पृष्ठभूमि
झांग यूशिया, जो चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी सहयोगियों में से एक माने जाते थे, देश की सैन्य संरचना में एक महत्वपूर्ण स्थान रखते थे। वहीं, लियू झेनली भी केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य रह चुके हैं।
जांच और निष्कासन की प्रक्रिया
जानकारी के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ जांच की शुरुआत जनवरी में हुई थी, और अगस्त के अंत में उन्हें केंद्रीय सैन्य आयोग से हटा दिया गया था। अब कम्युनिस्ट पार्टी ने उन्हें पार्टी और सेना से भी बाहर कर दिया है। दस्तावेजों में उन पर वफादारी की कमी, भ्रष्टाचार और जिम्मेदारी में लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
गुटबाजी और आर्थिक अनियमितताएँ
शिन्हुआ के अनुसार, जांच में यह भी सामने आया कि दोनों अधिकारियों ने पार्टी के भीतर गुटबाजी की और पार्टी के प्रति ईमानदार नहीं रहे। दस्तावेजों में यह भी कहा गया है कि राजनीतिक और आर्थिक गड़बड़ियां आपस में जुड़ी हुई थीं।
शी जिनपिंग का भ्रष्टाचार विरोधी अभियान
2013 में शी जिनपिंग के राष्ट्रपति बनने के बाद से चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सेना भी शामिल है। अगस्त में जनरल झाओ जोंगछी को भी हटाया गया था।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला
अक्टूबर 2025 में, चीन के नौ वरिष्ठ जनरलों को पार्टी और सेना से बाहर किया गया था। दिसंबर 2025 में भी तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया था। यह स्पष्ट है कि चीन की सेना शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।