चुनाव आयोग में गड़बड़ियों का खुलासा: मुख्य चुनाव आयुक्त की मनमानी पर सवाल
चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
भारत का चुनाव आयोग पिछले कुछ वर्षों से आलोचनाओं का सामना कर रहा है। विशेष रूप से पिछले साल जून में बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। हाल ही में एक प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र ने चुनाव आयोग में हो रही गड़बड़ियों का खुलासा किया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तानाशाही रवैये के कारण आयोग में कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 10 महीनों में दोनों चुनाव आयुक्तों ने कई बार अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं। एक दिन में चार बार भी उन्होंने सवाल उठाए। कई बार उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पत्र लिखा, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अंततः उन्होंने अपनी शिकायतें कैबिनेट सचिव तक पहुंचाई।
हालांकि, चुनाव आयोग ने केवल यह कहा है कि सभी निर्णय एकमत से लिए गए हैं। लेकिन यह स्पष्ट है कि मुख्य चुनाव आयुक्त की मनमानी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि उनकी टीम के अन्य सदस्यों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं।