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जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के प्रयास में CJP नेताओं की गिरफ्तारी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन नेताओं को जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने के प्रयास में हिरासत में लिया गया। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने इस कार्रवाई को तानाशाही मानसिकता का उदाहरण बताया और कहा कि विरोध प्रदर्शन को समाप्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने पुलिस से हिरासत में लिए गए सदस्यों को वकीलों से मिलने की अनुमति देने की मांग की। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और नेताओं की प्रतिक्रिया।
 

CJP नेताओं की गिरफ्तारी


कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरभ दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को मंगलवार को जंतर-मंतर में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के प्रयास के दौरान हिरासत में लिया गया।


पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इस घटना के दौरान कई पार्टी सदस्यों को पुलिस ने रोका। उन्होंने जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में समाप्त करने के केंद्र के आदेश को चुनौती देते हुए कहा कि 'आप प्रतिरोध को समाप्त नहीं कर सकते।' इस पोस्ट में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी टैग किया।


दिपके ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी टीम ने तिरंगा फहराने का प्रयास किया था। उन्होंने यह भी पूछा, 'तिरंगा फहराना कब से अपराध बन गया?' उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने वालों पर कोई आरोप नहीं लगाना चाहिए।


इसके अलावा, उन्होंने पुलिस से अनुरोध किया कि हिरासत में लिए गए सदस्यों को अपने वकीलों से मिलने की अनुमति दी जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें पहले 24 घंटे तक कानूनी सलाह के बिना हिरासत में रखा गया।


दिपके ने कहा, 'पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा। जंतर-मंतर केवल एक स्थान नहीं है; यह प्रतिरोध की भावना है।' उन्होंने पुलिस की कार्रवाई को 'तानाशाही मानसिकता' का उदाहरण बताते हुए कहा कि सरकार सार्वजनिक स्थानों पर विरोध प्रदर्शन को सीमित करने का प्रयास कर रही है।