×

जगदीप धनखड़ का मजेदार बयान: दाढ़ी वालों से डरने की बात ने सोशल मीडिया पर मचाई हलचल

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का एक हल्का-फुल्का बयान, जिसमें उन्होंने दाढ़ी वालों को देखकर डरने की बात कही, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस बयान के साथ ही उनके इस्तीफे को लेकर भी चर्चा फिर से शुरू हो गई है। धनखड़ ने अपने इस्तीफे के पीछे स्वास्थ्य कारणों का जिक्र किया था, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसके पीछे अन्य अटकलें भी हैं। जानें इस दिलचस्प कहानी के बारे में और भी जानकारी।
 

सोशल मीडिया पर छाया हल्का-फुल्का बयान


नई दिल्ली: राजस्थान के चूरू जिले में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का एक मजेदार बयान अचानक से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने हंसते हुए कहा कि “आजकल दाढ़ी वालों को देखकर डर लगता है।” उनका यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और लोग इसे विभिन्न अंदाज में साझा करने लगे।


दाढ़ी वाले व्यक्ति के संदर्भ में टिप्पणी

धनखड़ कांग्रेस सांसद राहुल कास्वां के सादुलपुर स्थित निवास पर पहुंचे थे। वहां एक व्यक्ति दाढ़ी में नजर आया, जिसके संदर्भ में उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि दाढ़ी वाले को देखकर उन्हें थोड़ा डर लगता है। उन्होंने यह भी मजाक में कहा कि उनका ओएसडी भी अपनी दाढ़ी से उन्हें डराता है। यह टिप्पणी पूरी तरह से हल्के-फुल्के अंदाज में थी, लेकिन सोशल मीडिया पर इसे खूब शेयर किया गया।




इस्तीफे पर चर्चा

इस्तीफे को लेकर फिर चर्चा


इसी दौरे के दौरान एक और वीडियो सामने आया, जिसमें धनखड़ अपने इस्तीफे के बारे में सफाई देते नजर आए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि वह बीमार हैं। उनके अनुसार, “मैंने स्वास्थ्य को महत्व देने की बात कही थी, यह नहीं कहा था कि मैं बीमार हूं।” उल्लेखनीय है कि पिछले साल जुलाई में उन्होंने अचानक उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था। उस समय राष्ट्रपति को भेजे गए पत्र में स्वास्थ्य कारणों का उल्लेख किया गया था, लेकिन विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए थे।


इस्तीफे के पीछे की अटकलें

इस्तीफे के पीछे की अटकलें


राजनीतिक हलकों में उस समय यह चर्चा भी थी कि राज्यसभा में न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव को लेकर स्थिति बनी थी। विपक्ष के 63 सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे और कहा जा रहा था कि धनखड़ ने इसे स्वीकार कर लिया था। कुछ सूत्रों के अनुसार, इसी घटनाक्रम के बाद हालात बदले और उन्होंने इस्तीफा दे दिया। हालांकि आधिकारिक रूप से धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों को ही अपने पद छोड़ने की वजह बताया था। सरकार की ओर से भी यही स्पष्टीकरण सामने आया था।


लंबे समय तक चुप्पी

लंबे समय तक चुप्पी


इस्तीफे के बाद जगदीप धनखड़ काफी समय तक सार्वजनिक मंचों से दूर रहे। उनकी चुप्पी को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं होती रहीं। विपक्ष ने उन्हें औपचारिक विदाई देने की मांग भी उठाई थी। कुछ महीनों बाद वह भोपाल में एक कार्यक्रम में नजर आए। वहां एक पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान उन्होंने कहा कि किसी को भी “नैरेटिव” के जाल में नहीं फंसना चाहिए। उनका यह बयान भी काफी चर्चा में रहा।